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मानवता के मार्ग पर चल करें परमार्थ के कार्य

ब्रह्मधाम आसोतरा में राष्ट्रीय अधिवेशन
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बाड़मेर

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Dileep Kumar Dave

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Updated: 12 Feb 2018, 12:32 AM IST

बालोतरा. ब्रह्मधाम आसोतरा में आयोजित कार्यक्रम में पुस्तक का विमोचन करते अतिथि।

बालोतरा. ब्रह्मधाम आसोतरा में आयोजित कार्यक्रम में पुस्तक का विमोचन करते अतिथि।

बालोतरा. वैदिक परम्परा व विश्व कल्याण की भावना से जीवन यापन कर समाज भारतीय संविधान व लोकतंत्र के प्रति सच्चे मन से समर्पित रहें। मानवता के मार्ग पर चलते हुए परमार्थ कार्य व राष्ट्रहित का चिंतन करें। ब्रह्मधाम आसोतरा में ब्रह्मा मंदिर एवं राजपुरोहित समाज विकास न्यास की ओर से रविवार को आयोजित राष्ट्रीय अधिवेशन में तीर्थ गादीपति तुलसाराम ने यह बात कही। उन्होंने कहा कि राजपुरोहित समाज सामाजिक विकास के साथ शिक्षा को भी बढ़ावा दें।

सामाजिक कुरीतियों को त्याग प्रगति के पथ पर बढ़ें। संत निर्मलदास ने कहा कि समाज के विकास को लेकर चिंतन करने की जरूरत है। उन्होंने समाज में एकता की बात करते हुए कहा कि समाज संगठित होकर रहें। वेदांताचार्य संत डॉ. ध्यानाराम ने कहा कि समाज के गौरवशाली इतिहास, परम्पराओं सहित अन्य बातों का जिक्र करते हुए युवाओं से समाज कें नशा के खिलाफ जागरूकता फैलाने का आह्वान किया। पूर्व कुलपति प्रो. डॉ. बी.एस. राजपुरोहित सिमरखियां ने समाज सेवा को अद्वितीय बताया। आहोर विधायक शंकर सिंह ने भी विचार व्यक्त किए। प्रतापसिंह पातलेसर ने बताया कि इस अवसर तीर्थ गादीपति तुलसाराम ने डॉ.गजेसिंह निम्बोल लिखित पुस्तक राजपुरोहित समाज आदिकाल से अब तक का लोकार्पण किया। वक्ताओं ने पुस्तक को गागर में सागर बताते हुए सराहना की। लेखक डॉ. गजेसिंह निम्बोल ने पुस्तक के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

अवसर पर संत बालकदास, संत चेतनानंद, ब्रह्मधाम तीर्थ महामंत्री बाबूसिंह कालूड़ी, मनफूलसिंह आडसर, गिरधारीसिंह बालोतरा, भंवरसिंह कानाना, दुर्गसिंह खाराबेरा, नरपतसिंह बासनी राजगुरु, रामचन्द्रसिंह बासनी, अमरसिंह गुलर, रामलाल बालोतरा, पदमसिंह साथूणी, महेन्द्रसिंह तिंवरी मौजूद थे।

नशा मुक्ति को लेकर मंथन- अधिवेशन के पहले दिन विभिन्न सामाजिक रीति-रिवाज व नशा मुक्ति विषय पर महामंथन हुआ। इसमें जिलेवार चयनित समाज के लोगों ने सुझाव दिए।

कार्यक्रम की विधिवत शुरुआत सुबह ब्रह्ममधाम आसोतरा के गादीपति तुलसाराम ने संत खेताराम महाराज व आत्मानन्द के चित्र के समक्ष दीपक प्रज्ज्वलित कर की। कार्यक्रम संचालक वैदांताचार्य डॉ.ध्यानाराम ने बताया कि

सम्मेलन में नशा मुक्ति, सगाई दस्तूरी, शादी, मृत्यु भोज एवं जीवित खर्च पर रोक लगाने को लेकर मंथन हुआ। सभी के सुझाव व विचारों को संकलित किया गया।


09- बालोतरा. ब्रह्मधाम आसोतरा में आयोजित कार्यक्रम में पुस्तक का विमोचन करते अतिथि।