8 नवंबर 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

rajasthan election 2018-अमितशाह का बेटा जादूगर कब बना : गहलोत

https://www.patrika.com/barmer-news/
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

बाड़मेर

•

image

Ratan Dave

•

Updated: 26 Nov 2018, 9:25 AM IST

When Amitshah's son wizard becomes: Gehlot

When Amitshah's son wizard becomes: Gehlot

पूर्व मुख्यमंत्री की चुनावी सभा : भाजपा अध्यक्ष, प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री पर साधे निशाने
अमितशाह का बेटा जादूगर कब बना : गहलोत

बालोतरा . जादूगर तो मैं हूं, अमितशाह का बेटा जादूगर कब बना। अमितशाह के बेटे ने 50 लाख से व्यवसाय शुरू किया और मात्र तीन माह में 80 करोड़ हो गए। अमितशाह के बेटे के पास ऐसा कौनसा जादू है। यह बात पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने यहां रविवार को जन सभा में कही।
उन्होंने कहा कि पांच सालों में प्रदेश में भ्रष्टाचार की सीमा टूट गई। बजरी, भू व शराब माफियाओं को सरकार का संरक्षण है। पांच सालों में विकास के कार्यों में सरकार ने बदले की भावना से मारवाड़ की उपेक्षा की, क्योंकि मैं मारवाड़ से हूं। कांग्रेस ने रिफाइनरी प्रोजेक्ट का शिलान्यास किया। इसके बाद भाजपा ने चार साल बर्बाद कर रिफाइनरी कार्य शुभारंभ किया। उसके एक साल बाद केवल चारदीवारी ही बनी है।
गहलोत ने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष कि उस कथित बयान की निंदा की, जिसमें कहा कि वोट मांगने आए तो गिरेबां पकड़ लेना। चुनाव आयोग को ऐसे लोगों को नोटिस देना चाहिए। प्रधानमंत्री को लेकर कहा कि नोटबंदी से कालाधन तो आया नही, देशवासियों को लाइनों में जरूर लगा दिया। सभा को कई जनों ने संबोधित किया।
जेबकतरे सक्रिय : सभा में जेबकतरे भी सक्रिय थे। पूर्व मुख्यमंत्री की अगवानी व रवानगी के दरम्यान मंच के पास खड़े एक जने की जेबकतरे ने जेब काट दी। बताया जा रहा है कि जेब में 50 हजार रुपए थे। जो जेबकतरे ने पार कर लिए।

उन्होंने कहा कि पांच सालों में प्रदेश में भ्रष्टाचार की सीमा टूट गई। बजरी, भू व शराब माफियाओं को सरकार का संरक्षण है। पांच सालों में विकास के कार्यों में सरकार ने बदले की भावना से मारवाड़ की उपेक्षा की, क्योंकि मैं मारवाड़ से हूं। कांग्रेस ने रिफाइनरी प्रोजेक्ट का शिलान्यास किया। इसके बाद भाजपा ने चार साल बर्बाद कर रिफाइनरी कार्य शुभारंभ किया। उसके एक साल बाद केवल चारदीवारी ही बनी है।