
बस्ती जिले के गांव गौराधूंधा में एक ऐसा पब्लिक टॉयलेट बनाया गया है, जिसमें 2 सीट लगाई गई हैं। दोनों सीट के बीच कोई दीवार नहीं है। यहां तक कि इस शौचालय में दरवाजा भी नहीं है। ग्राम प्रधान और कर्मचारियों के इस कारनामे के बाद पंचायतराज अधिकारी ने जांच के आदेश दिए गए हैं।
शौचालय के बाहर बोर्ड पर सबके नाम
इस शौचालय को सरकारी योजना के तहत ग्राम प्रधान, सेक्रेटरी और इंजीनियर ने बनाया है। इस टॉयलेट को बनाने में करीब 10 लाख रूपए खर्च किए गए हैं। शौचालय के बाहर गांव के प्रधान और दूसरे लोगों के नाम का बोर्ड भी लगा दिया गया है, जिसमें उनकी कोेशिशों से इसके बनने की बात कही गई है।
यह शौचालय गांव के लोगों की सुविधा के लिए बनाया गया था। जिस तरह 2 सीट और बिना दरवाजे के इसको बनाया गया। उससे गांव का कोई आदमी इस सामुदायिक शौचालय को इस्तेमाल नहीं कर सका है।
2 सीट एक कमरा, खर्चा 10 लाख
गांव के प्रधान ने इस टॉयलेटके बनने में 10 लाख खर्च दिखाया है। शौचालय के बाहर गांव प्रधान विंदीू देवी, जेई एमआई राजेश गुप्ता, बीडीओ संजय नाथ, सचिव पूनम श्रीवास्तव के नाम लिखे हैं।
नोटिस जारी शौचालय को ठीक करने के दिए निर्देश
पंचायतराज की अधिकारी नम्रता शरण ने इस पर संज्ञान लिया है। उन्होंने कहा कि मामले में सेक्रेटरी कोे नोटिस जारी कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि जांच रिपोर्ट मिलने के बाद जो लोग भी दोषी मिलेंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई होगी।
शरण ने कहा कि इस सामुदायिक शौचालय को ठीक करने के भी निर्देश दिए जा चुके हैं। वो खुद मौके पर जांच करने गई थीं और सामुदायिक शौचालय की हालत देखकर अचरज में पड़ गई। इसके बाद इसको ठीक कराने के आदेश दिए।
Published on:
22 Dec 2022 09:39 am
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