
इंसेफेलाइटिस
बस्ती. जनपद में एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम (एइएस) व जापानी इंसेफेलाइटिस (जेई) का कहर कम नहीं हो रहा। इंसेफेलाइटिस मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। विभाग जागरूकता और बचाव के लिए लगातार अभियान चला रहा,पर असर नहीं दिखाई दे रहा। अब तक एइएस से 106 पीड़ित पाए गए जिसमें से 13 की मौत हो गई। इससे जिले के 117 ग्राम प्रभावित हैं। शहरी क्षेत्र भी इससे नहीं बच पाया। नगर के चार वार्डों में इसके मरीज पाए गए हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि जेई का टीका लगने के बाद भी इससे दो की मौत हो गई। यह मामला चर्चा में आया तो स्वास्थ्य महकमा सकते में आ गया।
पूर्वांचल में अभिशाप बन चुकी इंसेफेलाइटिस बीमारी बच्चों पर कहर बनकर टूट रही। जनपद में एइएस, जेई, डेंगू, स्क्रब टायफस बीमारी पांव फैलाए हुए है। हर दिन मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही। 139 मरीजों में 16 मरीज इन बीमारियों से दम तोड़ चुके, जबकि कुछ का इलाज चल रहा है। प्रभावित गांव में भले ही स्वास्थ्य विभाग की टीम पहुंचकर निरोधात्मक कार्रवाई कर रही हो, पर उसका असर दिख नहीं रहा।
एइएस से 13 मौतें होने के बाद स्वास्थ्य विभाग की सक्रियता नहीं है। जेई के मरीज बढ़कर 18 हो गए, इसमें 2 की मौत हुई। जेई से मरने वाले टीके से आच्छादित रहे। इसकी पुष्टि सीएमओ ने बातचीत में की।डेंगू मरीजों की संख्या भी 20 पहुंच गई। अभी तक एक व्यक्ति की मौत की पुष्टि हुई है। स्क्रब टायफस के दो दर्जन मरीज पाए गए, जबकि 3 की मौत होने की पुष्टि हुई है। सीएमओ जेएलएम कुशवाहा ने कहा कि, इंसेफेलाइटिस प्रभावित गांवों में लगातार टीम निगरानी कर रही है। यहां निरोधात्मक कार्रवाई की गई है। एंटी लार्वा छिड़काव के अलावा जरूरी दवाएं बांटी गई हैं। जहां तक जेई टीका के बाद भी दो व्यक्ति की मौत होने की है बात है, तो इसकी जांच कराई जा रही है।
input- सतीश श्रीवास्तव
Updated on:
30 Sep 2017, 11:48 AM IST
Published on:
30 Sep 2017, 11:46 AM IST
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