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घर से लाने पड़ रहे ओढऩे के लिए कंबल

अमृतकौर चिकित्सालय : मदर चाइल्ड विंग के विभिन्न वार्डों का मामला, मरीज व परिजन परेशान
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ब्यावर

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Sunil Kumar Jain

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Updated: 2 Dec 2019, 1:11 PM IST

घर से लाने पड़ रहे ओढऩे के लिए कंबल

घर से लाने पड़ रहे ओढऩे के लिए कंबल


ब्यावर. उपखंड के सबसे बडे़ राजकीय अमृतकौर चिकित्सालय स्थित मदर चाइल्ड विंग के विभिन्न वार्डों में भर्ती मरीजों को सर्दी से बचाव के लिए कंबल भी घर से लाने पड़ रहें हैं। एेसा नहीं है कि अस्पताल में कंबल नहीं है लेकिन मरीजों को इस सुविधा का लाभ यहां वार्ड के कार्मिक नहीं दे रहे हैं। यही कारण है कि अधिकांश वार्डों में मरीजों के पास सरकारी कंबल नहीं है। मरीजों से बात की तो उनका कहना रहा कि उनको अस्पताल की ओर से कोई कंबल नहीं दिए जाते और वे घर से ही कंबल लेकर आते है। पत्रिका टीम जब एसएनसीयू मातृ कक्ष में पहुंची तो वहां पर आठ बेड पर मरीज थे और उनके परिजन भी वहीं पर बैठे थे और पूछा तो बताया कि वे सभी घर से ही कंबल लाए है और यहां पर उनको कोई कंबल न तो दिए गए और न ही इस बारे में कोई पूछने आया। इसी प्रकार मेटरनिटी साधारण जापा वार्ड में गए तो वहां कुछ मरीजों के पास कंबल थे तो कुछ को नहीं दिए गए। शिशु रोग विभाग के वार्ड में कंबल दिए गए थे और जिन बेड पर मरीज नहीं थे, उनके भी कबंल बेड पर रखे हुए थे। पास ही संचालित कुपोषण उपचार केन्द्र में दो ही मरीज भर्ती थे, उनको भी कंबल नहीं दिए गए और वे कंबल घर से ही लेकर आए। गौरतलब है कि मदर चाइल्ड विंग में करीब डेढ़ सौ बेड है और पर्याप्त मात्रा में कंबल है। लेकिन बताया जाता है कि वार्ड के कार्मिक कंबल देने और वापस लेने के झंझट से बचने के लिए मरीजों को यह सुविधा नहीं देते है।

दुर्दशा का शिकार वाटर कू लर
मदर चाइल्ड विंग में एक वाटर कू लर गैलेरी में ही पड़ा है और यहां पर आस पास में सफाई के भी माकू ल इंतजाम नहीं है। जबकि यह वाटर कू लर चालू हालात में है। यह वाटर कू लर मरीजों की सुविधा के लिए एक भामाशाह की ओर से दिया गया।

फर्श पर बैठने को मजबूर
मरीजों के परिजनों के लिए प्रथम मंजिल पर पहले तो कुर्सियां लगी थी लेकिन अब कुर्सियां हटा दी गई है। एेसे में मरीज के परिजन सर्दी में भी फर्श पर बैठने को मजबूर है। बताया जाता है कि कुर्सियां टूट गई जिन्हे दुरस्त करने के बजाय हटा दिया।

इनका कहना है...
अस्पताल में पर्याप्त मात्रा में कंबल है और अगर वार्ड में कार्मिकों की ओर से कंबल नहीं दिए जा रहे तो पता कर उचित कार्यवाही की जाएगी।
डॉ. आलोक श्रीवास्तव, प्रमुख चिकित्सा अधिकारी, एकेएच ब्यावर

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