एक माह पूर्व ही हुई थी शादी
मृतक सुरेन्द्र की शादी गत 5 जून को ही हुई थी। विवाह के मात्र 35 दिन बाद व काल का ग्रास बन गया। नवविवाहिता के हाथों से मेहंदी का रंग भी पूरी तरह नही उतरा और उसका सुहाग उजड़ गया। हादसे का समाचार सुन मृतक के परिजनो व नवविवाहिता का रो-रो कर बुरा हाल हो गया। मृतक के चचेरे भाई ओमसिंह ने बताया कि वह सुरेन्द्र को बचाने के लिए नाडी में कूदा, लेकिन नाड़ी मे दलदल था। वहां मौजूद लोगों की ओर से फेंकी गई रस्सी के सहारे वह बाहर निकल पाया।