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खरीदी केंद्रों के बाहर धान रखने के निर्देश से भड़के किसान, कई केंद्रों में हुआ सड़क जाम

समितियों में धान बेचने आए किसानों में आक्रोश देखा गया। केंद्रों के बाहर धान रखने के निर्देश की वजह से किसानों ने कई धान खरीदी केन्द्रोंं में जमकर प्रदर्शन किया।
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बेमेतरा

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Laxmi Narayan Dewangan

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Updated: 20 Feb 2020, 10:39 PM IST

खरीदी केंद्रों के बाहर धान रखने के निर्देश से भड़के किसान, कई केंद्रों में हुआ सड़क जाम

खरीदी केंद्रों के बाहर धान रखने के निर्देश से भड़के किसान, कई केंद्रों में हुआ सड़क जाम

बेमेतरा . समितियों में धान बेचने आए किसानों में आक्रोश देखा गया। केंद्रों के बाहर धान रखने के निर्देश की वजह से किसानों ने कई धान खरीदी केन्द्रोंं में जमकर प्रदर्शन किया। गुरुवार को जिला में डुडा समिति, झाल, नवागांव छिरहा, कूरा में किसानों ने चक्काजाम कर प्रदर्शन किया। जिले के डुडा समिति के सामने ग्राम कंतेली में 5 घंटे से अधिक समय तक चक्काजाम रहा। किसानों को मनाने के लिए एसडीएम वर्मा पहुचे थे, जो किसानों के रूख देकर वापस लौटे गए। आखिर में तहसीलदार को बारदाना लेकर पहुंचना पड़ा। तब जाकर किसानों ने प्रदर्शन खत्म किया। शासन की ओर से घोषित समय अनुसार गुरुवार को किसानों से समर्थन मूल्य पर धान लेने के लिए अंतिम तिथि तय की गई थी। लेकिन केंद्रों में धान बेचने के लिए टोकन लेकर पहुंचने वाले किसानों को केंद्रों में धान रखने से मना करने व प्रवेश नहीं दिया गया था। इसके अलावा किसानों को बारदाना नहीं होने के नाम पर लौटाया जा रहा था।

थाना क्षेत्र के दो केन्द्रों में हुआ चक्काजाम
सिटी केातवाली क्षेत्र में आने वाले दो उर्पाजन केन्द्र झाल व डुडा में गुरुवार को किसानों ने जमकर प्रदर्शन किया। सुबह ग्राम झाल में किसान सबसे पहले सड़क पर उतरे थे। केन्द्र के सामने प्रदर्शन करने के दौरान सड़क पर जाम की स्थिति रही। सूचना पर सिटी कोतवाली पुलिस का अमला पहुंचा। किसान केन्द्र में परेशान थे। इसके बाद जिला मु?यालय से 5 किलोमीटर दूर बेमेतरा-दुर्ग मार्ग पर डुडा उपार्जन केन्द्र के सामने केन्द्र से जुड़े किसानों ने सुबह 10 बजे से प्रदर्शन शुरू किया, जो 5 घंटे से अधिक समय तक जारी रहा। प्रदर्शन के दौरान सड़क के दोनों छोर पर सैकड़ों वाहन का रेला लगा हुआ था। जिसमें यात्री बस, स्कूल बस, मालवाहक शाामिल थे। सड़क जाम होने की सूचना पर बेमेतरा एसडीएम जगन्नाथ वर्मा पहुंचे थे, जो किसानों को समझाने व मनाने में असफल रहे और वापस लैाट गए। अधिकारी को किसानों ने केन्द्र में धान नहीं रखने देने की बात कही व केन्द्र में धान रखने के लिए अनुमति मंागी गई थी।

बस वालों ने रकम वापस किया, यात्री 5 किलोमीटर चलकर बेमेतरा पहुंचे
बेमेतरा-दुर्ग मार्ग पर गुरुवार को प्रदर्शन के दौरान यात्री बसों रोकने से यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ी। बस वालों को टिकट का पैसा लौटाना पड़ा। यात्री 5 किलोमीटर पैदल चल कर बस स्टैंड पहुंचे। यात्री सरस्वती वर्मा, लोकेश धु्रवे, ताकेश्वर निषाद ने बताया कि गुरुवार को चक्काजाम के दौरान बस से उतर कर आना पड़ा। जिससे परेशानियों का सामना करना पड़ा। किसान हरमन वर्मा, विदेशी अंनत, राम सिंग कश्यप, होलुराम, सरूधन समेत ने बताया कि धान खरीदी के प्रारंभ से हम परेशान हैं। गुरुवार को अंतिम दिन होने के बाद भी परेशानियों का सामना कर सड़क पर आकर धान खरीदने के लिए गुहार लगा रहे हंै। हमारी तरह जिले के हजारों किसान परेशान हैं।

30 हजार बारदाना लेकर पहुंचे तहसीलदार
चक्काजाम के दौरान बेमेतरा तहसीलदार एके चद्रवंशी मौके पर पहुंचे। जिन्होंने केन्द्र में 10 हजार बारदाना उपल्ब्ध कराने का वादा किया। जिस पर 30 हजार बारादाने की दरकार होने व उतने ही बारदाना उपलब्ध कराने पर किसान अड़े रहे। जिसके बाद तहसीलदार चंदवंशी जब 30 हजार नग बारदाना लेकर ट्रक के साथ पहुंचे तब किसानों ने प्रदर्शन वापस लिया। इस दौरान सिटी केातवाली का अमला मौजूद रहा।

रतजगा कर रहे किसान
कई समितियों में बारदाना की कमी से धान खरीदी में आई रुकावट के कारण किसान बहुत परेशान हैं। किसानों ने बताया कि बारदाना नहीं है। इस वजह से धान खरीदी नहीं हो रही है। धान से भरी गाडिय़ां केंद्र के सामने खड़ी कर रखते हैं। अनाज की रखवाली के लिए रातभर जागना पड़ रहा है।

टोकन वाले धान खरीदने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन
जिला कार्यालय पहुंचकर गुरुवार को सहकारी समितियों के अध्यक्षों ने कलेक्टर शिवअनंत तायल को ज्ञापन सौंपा। जिसमें टोकन प्राप्त किसानों की स?पूर्ण धान की खरीदी करने की मांग की गई है। जिले के 91 उपार्जन केन्द्रों में से 50 से अधिक धान खरीदी केन्द्रों में बारदाना के अभाव में टोकन प्राप्त लगभग 11000 किसानों के 425000 क्ंिवटल धान की खरीदी नही हो सकी है। किसानों का धान उपार्जन केन्द्रों में डंप रखा हुआ है। इनमें अधिकतर वे कृषक हंै जिन्होंने एक बार भी धान नहीं बेचा है। ये किसी व्यापारी का धान नहीं है। किसानों से उनका हक छीना जा रहा है। पूरे धान खरीदी की लचर वयवस्था के चलते किसानों में भारी रोष व्याप्त है।

किसानों की भावना को समझें
उपार्जन केन्द्र कुवंरा, संबलपुर, नांदघाट, टेमरी, पुटपुरा, हटहाडाण्डू, मारो, रनबोड़, झाल-एन, बदनारा, छिरहा, डूण्डा, कुरदा, खण्डसरा, झाल-बी, लोलेसरा, चंदनू, मोहभ_ा, देवरबीजा, कन्हेरा, भि?भौरी सहित 50 केन्द्रों में भारी मात्रा में धान की खरीदी किया जाना शेष है। किसानों की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए टोकन प्राप्त किसानों से संपूर्ण धान की खरीदी किए जाने की समुचित व्यवस्था करने की मांग की गई है। ज्ञापन सौंपने वालों में बहल सिंह वर्मा, संतोष पुरी, मोहित वर्मा, सोमेशदत्त दुबे, यशवंत, हरिचंद साहू, देवचरण वर्मा आदि शामिल हैं।