
team at groom's home
बेमेतरा. न्यायालय से तलाक लिए बने दूसरा विवाह कर रहे पति की नौकरीपेशा पत्नी ने शादी रुकवाने में कामयाबी पाई। महिला एवं बाल विकास विभाग और वन स्टाप सखी सेंटर की इस संयुक्त कार्रवाई में पति को विधिवत तलाक मिलने के बाद दूसरी शादी करने कहा गया। सप्ताहभर में यह दूसरी घटना है जब शादीशुदा महिला ने अपने पति की दूसरी शादी को वन स्टाप सखी सेंटर और पुलिसवालों की मदद से रुकवाया है।
पति से नहीं बनने पर वापस लौट गई मायके
जानकारी के अनुसार, मुंगेली जिला के पत्थरताल की रहने वाली लडक़ी की शादी बेमेतरा के गांव बसनी के यदु परिवार के लडक़े से 2015 में हुई थी। ससुराल में एक वर्ष गुजारने के बाद ससुराल वालों से परेशान व पति से मतभेद होने के बाद मार्च 2017 में सामाजिक बैठक में दोनों का संबंध विच्छेद कर अलग-अलग रहने का निर्णय लिया गया था, साथ ही समाज के लोगों द्वारा कोर्ट के माध्यम से तलाक लेने की बात कही गई थी। लेकिन कोर्ट से तलाक होने के पहले ही पति के दूसरी शादी करने की बात पता चलने पर महिला ने महिला बाल विकास में शिकायत की।
महिला की शिकायत पर की त्वरित कार्रवाई
महिला की शिकायत पर तुरंत कार्रवाई करते हुए महिला एवं बाल विकास अधिकारी पुलिस जवान के साथ स्थानीय वन स्टाप सखी सेंटर के स्टाफ व पुलिस जवान के साथ लडक़ी के ससुराल बसनी में दबिश दी। गांव में देखा कि प्रार्थिया का पति बारात ले जाने की तैयारी कर रहा था, जिस पर तत्काल कार्रवाई करते हुए शादी को रुकवाया गया, साथ ही कोर्ट के माध्यम से विधिसम्मत तलाक होने के बाद शादी करने की बात कही गई। पुलिस द्वारा पंचनामा बनाकर लडक़ी और लडक़े दोनों का ब्यान दर्ज किया गया। इस कार्रवाई में संरक्षण अधिकारी यशोदा साहू, राखी यादव, सरिता शर्मा, सीमा यदु के साथ पुलिस स्टाफ शामिल रहे।
Published on:
19 Apr 2018 10:46 am
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