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मोबाइल और कुर्सी पर लगातार बैठने से युवाओं में बढ़ रहा कमर दर्द, कमजोर हो रही कमर

Back Pain in Youth: बदलती दिनचर्या, घंटों मोबाइल का इस्तेमाल और लंबे समय तक बैठने की आदत बन रही परेशानी की वजह, विशेषज्ञों की राय कमर दर्द को न करें नजर अंदाज।
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Back Pain in Youth

back pain youth mobile use sitting habits, एआई से बनाई गई प्रतीकात्मक तस्वीर (Source-Grok)

Betul Back Pain in Youth: बदलती जीवनशैली और दिनभर कंप्यूटर और मोबाइल के इस्तेमाल ने बैतूल में भी लोगों की शारीरिक सक्रियता कम कर दी है। घंटों कुर्सी पर बैठकर काम करना, मोबाइल देखते समय गर्दन झुकाए रखना और व्यायाम से दूरी बनाने का असर अब रीढ़ की हड्डी और कमर पर भी दिखाई देने लगा है। पहले बढ़ती उम्र में होने वाली कमर दर्द की समस्या अब कम उम्र के लोगों को भी परेशान कर रही है। विशेषज्ञों की सलाह है कि दैनिक दिनचर्या में छोटे बदलाव कर रीढ़ को स्वस्थ रखा जा सकता है।

युवाओं में भी बढ़ रहा कमर दर्द

बैतूल जिला अस्पताल में प्रतिदिन कमर दर्द, जोड़ दर्द, मांसपेशियों में खिचाव संबंधी समस्या के 50 से 60 मरीज पहुंच रहे हैं। इनमें बुजुर्ग और युवा भी शामिल हैं। दिनभर बैठकर काम करने और नियमित व्यायाम नहीं करने से कमर और पेट की मांसपेशियां कमजोर पड़ सकती हैं। इससे शरीर की मुद्रा प्रभावित होती है और पीठ दर्द की आशंका बढ़ सकती है। युवाओं में पढ़ाई, मोबाइल और कंप्यूटर के सामने बिताया जाने वाला अधिक समय भी चिंता का विषय है। हालांकि, हर प्रकार का पीठ दर्द केवल मोबाइल या गलत मुद्रा के कारण नहीं होता। इसके पीछे अन्य चिकित्सकीय कारण भी हो सकते हैं।

छोटी आदतों से मिल सकती है राहत

रीढ़ को स्वस्थ रखने के लिए लगातार बैठने के बजाय हर 30 से 60 मिनट में उठकर कुछ देर चलना चाहिए। मोबाइल को आंखों के स्तर के करीब रखकर इस्तेमाल करना,बैठते समय पीठ को सहारा देना और नियमित रूप से पैदल चलना तथा हल्का व्यायाम करना उपयोगी है। पर्याप्त नींद और संतुलित दिनचर्या भी जरूरी है। यदि कमर दर्द लगातार बना रहे या उसके साथ पैरों में कमजोरी, सुन्नपन अथवा पेशाब-मल पर नियंत्रण में परेशानी हो, तो तत्काल चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए। रीढ़ की सेहत के लिए दर्द होने का इंतजार करने के बजाय रोजमर्रा की आदतों में सुधार करना जरूरी है।

एक्सपर्ट की सलाह

डॉ. रूपेश पद्माकर, हड्डी रोग विशेषज्ञ, बैतूल जिला अस्पताल- कम उम्र में कमर दर्द की समस्या को नजर अंदाज नहीं करना चाहिए। गलत शारीरिक मुद्रा, शारीरिक गतिविधियों की कमी और मांसपेशियों की कमजोरी इसके संभावित कारण हो सकते हैं। यदि दर्द लगातार बना रहे या पैरों में सुन्नपन व कमजोरी हो, तो चिकित्सकीय जांच कराना जरूरी है।

संदीप परिहार, फिजियोथेरेपिस्ट बैतूल- लगातार मोबाइल चलाने और घंटों कुर्सी पर बैठने से शरीर की मुद्रा प्रभावित होती है। इससे गर्दन, कंधे और कमर की मांसपेशियों में खिंचाव व दर्द की समस्या हो सकती है। हर 30 से 60 मिनट में उठकर चलना, सही मुद्रा में बैठना और नियमित व्यायाम करना जरूरी है।