
एक दर्जन आंदोलनकारियों को एसडीएम ने किया बांड ओवर
मुलताई. नगर में ट्रेनों के स्टापेज को लेकर बुधवार को जन आंदोलन मंच द्वारा घोषित नगर बंद एवं ट्रेन रोको आंदोलन में सुरक्षा की दृष्टि से एक दिन पूर्व ही एसडीएम राजेश शाह द्वारा जन आंदोलन मंच के 12 सदस्यों को बांड ओवर कर दिया है। बावजूद जन आंदोलन मंच अपने आंदोलन की घोषणा पर अडिग है तथा बुधवार दोपहर 12 बजे फव्वारा चौक पर आंदोलन प्रारंभ होगा जहां से रेल रोकने कार्यकर्ता रेलवे स्टेशन पहुंचेंगे। जन आंदोलन मंच के आंदोलन को प्रशासन ने अब गंभीरता से लेना प्रारंभ कर दिया है, सोमवार को सांसद का पुतला जलाने के बाद प्रशासन सक्रिय हो गया और मंगलवार को एसडीएम राजेश शाह ने जन आंदोलन मंच के अनिल सोनी, रवि यादव, मोहनसिंह परिहार, शमीम खान, महेश शर्मा, रजनीश गिरे, श्रवण बारस्कर, कृष्णा दरवई, यादोराव निंबालकर, महेश पाठक, वहीद पठान एवं टीकाराम मंडले दप्रसं की धारा 111 के तहत धारा 151, 107,116 के तहत कार्रवाई करते हुए बांड ओव्हर किया है। एसडीएम ने बताया कि आंदोलनकारियों द्वारा मुलताई बंद एवं रेल्वे का चक्काजाम करने की घोषणा की है, जिससे रेलवे की संपत्ति को नुकसान पहुंचाने एवं रेलवे के कार्यो में बाधा पहुंच सकती है एवं मुलताई क्षेत्र की शांति भंग हो सकती है, इसलिए इन सभी के खिलाफ उक्त कार्रवाई की है। जन आंदोलन मंच के अनिल सोनी ने बताया कि प्रशासन द्वारा आंदोलन को कुचलने के लिए इस तरह की कार्रवाई की जा रही है। अनिल सोनी ने बताया कि आंदोलन पूर्ववत रहेगा, दोपहर 12 बजे फव्वारा चौक पर सभी लोग जमा होंगे, यहां पर एक सभा का आयोजन किया गया है, यहां से सभी रैली के रूप में रेलवे स्टेशन पहुंचेंगे, जहां रेलवे का चक्काजाम किया जाएगा।
आंदोलनकारियों नही भरेगें बंधपत्र - इधर एसडीएम राजेश शाह द्वारा सभी को बांड ओव्हर कर दस हजार का बंध पत्र भरवाने के आदेश दिए थे, लेकिन आंदोलनकारियों ने उक्त बंधपत्र मुचलका भरने से इंकार कर दिया है। अनिल सोनी ने बताया कि मुलताई में रेल नहीं रोकी जा रही है, मुलताई के लोगों से सीधा भेदभाव किया जा रहा है, कुछ लोग आंदोलन कर रहे हैं तो प्रशासन इस आंदोलन को कुचलने का प्रयास कर रहा हैं, ऐसे में आंदोलनकारी जेल जाने को तैयार है, लेकिन अभी तक जबकि कोई शांति भंग नहीं की गई है, उसके बाद भी उनके उपर कार्रवाई कर आंदोलनकारियों को डराने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन आंदोलनकारी आंदोलन करेंगे और रेलों का स्टापेज करवाकर ही मानेंगे।
Published on:
22 Aug 2018, 7:00 AM IST
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.