
भरतपुर। अंधड़ से मची तबाही ने हरे-भरे पेड़ों को जमीन पर धराशायी कर दिया। अब इन धराशायी दरख्तों की लकड़ी नीलाम होकर वन विभाग को लाखों रुपए के राजस्व की छाया देनेे में लगी है। हालांकि, तूफान शांत होते ही जमीन पर गिरे पेड़ों को लोगों ने भी अपने कब्जे में ले लिया था। इससे विभाग नुकसान के दायरे में भी आ गया। अब विभाग अपने आधिपत्य में आए पेड़ों को नीलाम कराकर राज्य सरकार को राजस्व देने में जुटा है।
धराशायी पेड़ों से लाखों का राजस्व
जिले में छह रेंज कार्यालय हैं, जहां क्षेत्रीय वन अधिकारी तहसील स्तर पर वन विकास का कार्य करते हैं। इनकी जिम्मेदारी है कि २ मई को आए तूफान में गिरी वन संपदा को अपने कब्जे में लेकर कर्तव्य निभाएं। देरी से सही लेकिन विभाग ने जाग कर तूफान में गिरे पेड़ों को एकत्रित कर सुरक्षित स्थान पर रखवाया है। दरअसल, दो मई को आए तूफान से सैंकड़ों पेड टूटकर जमीन पर गिर गए थे। धराशायी पेड़ों की नीलामी की जा रही है।
नीलामी की तारीख तय
इसके तहत विभाग ने निर्धारित तिथि को नीलामी कराई। गौरतलब है कि विभाग की ओर से किला स्थित व्यापार मंडल डिपो में प्रत्येक माह की 19 तारीख को नीलामी करना निश्चित है। इसलिए अंधड़ से टूटे पेड़ों की करीब 65625 क्विंटल लकड़ी की नीलामी 800 रुपए प्रति क्विंटल के हिसाब से मई व जून माह की १९ तारीख को हुई। अभी तक तीस प्रतिशत नीलामी हुई है। विभाग को अब तक करीब ५.२५ लाख रुपए का राजस्व अर्जित हो चुका है। विभाग के आधिपत्य में अभी सैंकड़ों पेड़ हैं, जो सुरक्षित स्थानों पर रखे हैं। इनकी नीलामी जुुलाई में 19 तारीख को मंडल डिपो पर की जाएगी।
दो मई को अंधड़ से गिरे पेड़ों की नीलामी कराई गई है। इससे विभाग को 5.25 लाख रुपए का राजस्व मिला है। इस माह 19 तारीख को और नीलामी कराई जाएगी। तूफान में गिरे पेड़ अभी विभाग के पास और सुरक्षित हैं। संजू शर्मा, क्षेत्रीय वन अधिकारी भरतपुर
Published on:
8 Jul 2018, 7:47 PM IST
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