भरतपुर . अच्छी आवक और अच्छे भावों से किसानों की किस्मत चमका रही सरसों के भाव बिगडऩे से शनिवार को किसान ताव खा गए। ऐसे में मंडी में हंगामा हो गया। बड़ी संख्या में किसान भावों को लेकर मंडी प्रशासन से उलझते रहे। सूचना पर पूर्व मंत्री विश्वेन्द्र सिंह एवं चिकित्सा राज्यमंत्री डॉ. सुभाष गर्ग मौके पर पहुंचे और किसानों को समझाकर मामला शांत कराया। दोपहर से शुरू हुआ हंगामा शाम तक चलता रहा।
नई मंडी स्थित सरसों मंडी में शनिवार सुबह बड़ी संख्या में किसान सरसों की फसल बेचने पहुंचे। सुबह कुछ व्यापारियों ने सरसों के भाव 5385 रुपए तक लगा दिए। यहां कुछ व्यापारी महज 600 कट्टा खरीदकर मंडी से चलते बने। ऐसे में मंडी में सरसों के भाव बिगड़ गए। अन्य व्यापारी किसानों से 5300 रुपए प्रति क्विंटल के हिसाब से ही सरसों खरीद पर अड़े थे, जबकि किसान सरसों के भाव 5385 रुपए लेने पर आमादा थे। इसको लेकर मंडी प्रशासन और किसान आमने-सामने हो गए। व्यापारियों की ओर से 5385 रुपए के हिसाब से सरसों नहीं खरीदने पर किसानों ने हंगामा कर दिया। सूचना पर पूर्व मंत्री एवं राज्यमंत्री मौके पर पहुंचे और किसानों को समझाया। साथ ही मौके पर पहुंचे एडीएम केके गोयल ने भी किसानों से समझाइश की। बाद में भाव 5300 रुपए ही खुलने पर सहमति बनी। पूर्व मंत्री ने बताया कि इसको लेकर एडीएम एवं मंडी सचिव से मुलाकात कर किसानों की समस्याओं से अवगत कराया। इस पर उन्होंने गलती स्वीकारी है। आगे से मंडी प्रशासन को किसानों की समस्याओं को लेकर सजग रहने को कहा है।