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Rajasthan: कैंसर नहीं था फिर भी महिला को दी कीमोथैरेपी, मुंबई में जांच हुई तो TB निकली; अब 23.36 लाख का मुआवजा

पेट दर्द और बेचैनी की शिकायत लेकर अस्पताल पहुंची महिला को जांच रिपोर्ट के आधार पर कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से पीड़ित बता दिया गया। उसे कीमोथैरेपी जैसी कष्टदायक प्रक्रिया से गुजरना पड़ा।
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Wrong Cancer Diagnosis

कैंसर नहीं था फिर भी महिला को दी कीमोथैरेपी। फोटो: एआई

भरतपुर। पेट दर्द और बेचैनी की शिकायत लेकर अस्पताल पहुंची महिला को जांच रिपोर्ट के आधार पर कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से पीड़ित बता दिया गया। इसके बाद बिना दोबारा जांच कराए उसका कैसर का उपचार शुरू कर दिया और उसे कीमोथैरेपी जैसी कष्टदायक प्रक्रिया से गुजरना पड़ा। उपचार के बावजूद हालत में सुधार नहीं हुआ तो परिजन उसे मुंबई के टाटा स्मारक अस्पताल ले गए। वहां जांच में कैंसर की बजाय तपेदिक की पुष्टि हुई।

गलत निदान और उपचार के मामले में स्थायी लोक अदालत ने चिकित्सकीय लापरवाही मानते हुए डॉक्टर अस्पताल और संबंधित बीमा कंपनियों को 23 लाख 36 हजार 774 रुपए क्षतिपूर्ति देने के आदेश दिए है। स्थायी लोक अदालत के पीठासीन अधिकारी गंभीर सिंह अध्यक्ष तथा सदस्य योगेश कुमार शर्मा और रजनीकांत शर्मा ने 24 अगस्त को फैसला सुनाया।

अधिवक्ता राजेश पचौरी ने बताया कि भरतपुर की पुष्प वाटिका कॉलोनी निवासी लक्ष्मी शर्मा अक्टूबर 2022 में पेट दर्द बेचैनी और अन्य परेशानियों के चलते जयपुर स्थित भगवान महावीर कैंसर अस्पताल पहुंची थीं। चिकित्सक ने उन्हें दूसरे केन्द्र से जांच कराने की सलाह दी। जांच रिपोर्ट में कैंसर की आशंका सामने आने पर चिकित्सक ने दोबारा जांच कराए बिना उपचार शुरू कर दिया और लगातार कीमोथैरेपी दी।

95 लाख की मांग, 23.36 लाख मंजूर

महिला ने 15 लाख रुपए उपचार खर्च और 80 लाख रुपए मानसिक शारीरिक व आर्थिक क्षति के लिए कुल 95 लाख रुपए तथा 21 हजार रुपए मुकदमा खर्च मांगा था। अस्पताल और चिकित्सकों ने लापरवाही से इनकार करते हुए बताया कि अस्पताल को केवल 29 हजार 750 रुपए का भुगतान किया गया था। अदालत ने 15 लाख के उपचार खर्च का दावा पर्याप्त बिल नहीं होने से स्वीकार नहीं किया। हालांकि 3 लाख 36 हजार 774 रुपए के बिल प्रस्तुत किए गए थे। अदालत ने मानसिक संताप शारीरिक कष्ट और आर्थिक क्षति के लिए 20 लाख रुपए तथा उपचार बिलों के 3 लाख 36 हजार 774 रुपए मिलाकर कुल 23 लाख 36 हजार 774 रुपए देने के आदेश दिए।

मुंबई में खुला बीमारी का राज

उपचार के बाद भी आराम नहीं मिलने पर परिजन जनवरी 2023 में लक्ष्मी को मुंबई के टाटा स्मारक अस्पताल ले गए। वहां जांच में कैंसर की बजाय तपेदिक निकली। वृंदावन के श्री ब्रज सेवा समिति तपेदिक चिकित्सालय में भी इसकी पुष्टि हुई। तपेदिक का उपचार शुरू होने के बाद स्वास्थ्य में सुधार आया। अदालत ने माना कि गलत निष्कर्ष के कारण महिला को अनावश्यक रूप से गंभीर उपचार से गुजरना पड़ा और शारीरिक व मानसिक पीड़ा झेलनी पड़ी।