75 की उम्र में बुजुर्ग महिला ने जीता Covid से जंग, ऑक्सीजन सपोर्ट में रहकर भी नहीं मानी हार, डॉक्टरों ने किया जज्बे को सलाम

Coronavirus in Durg: शंकराचार्य कोविड केयर सेंटर में चिकित्सकों और हेल्थ स्टाफ की संकल्पित टीम अपने सेवाभाव और कोविड के उपचार करने के अनुभवों के चलते कई परिवारों को संजीवनी दे रही है।

By: Dakshi Sahu

Updated: 04 May 2021, 01:04 PM IST

भिलाई. शंकराचार्य कोविड केयर सेंटर में चिकित्सकों और हेल्थ स्टाफ की संकल्पित टीम अपने सेवाभाव और कोविड के उपचार करने के अनुभवों के चलते कई परिवारों को संजीवनी दे रही है। दस दिनों से भर्ती दो गंभीर मरीज पूरी तरह स्वस्थ होकर घर गए। इनमें से एक 75 साल की बुजुर्ग महिला हैं, जिनका सीटी स्कोर 16 था और ऑक्सीजन लेवल 80 तक पहुंच गया था। एक अन्य 45 साल की महिला ने भी कोविड से जंग जीती, उनका ऑक्सीजन लेवल 60 तक गिर चुका था और सीटी स्कोर 22 था। द्रौपदी वर्मा के पुत्र एडवोकेट एलबी वर्मा ने बताया कि मां मोरिद में रहती हैं। वहां संक्रमण का शिकार हुईं तो पहले निकट के निजी अस्पताल में लेकर गए। यहां पर सीटी स्कैन कराया और सीटी स्कोर 16 आया। यहां ऑक्सीजन लेवल 80 था, पांच दिन रहने के बाद भी यहां गिरती स्वास्थ्य की स्थिति को देखते हुए शंकराचार्य कोविड केयर हॉस्पिटल में एडमिट कराया गया। यहां पर माता का पूरा ख्याल रखा गया। चिकित्सकों ने माता की स्थिति की जानकारी दी।

हाथ से खाना खिलाया स्टाफ ने
बेटे ने बताया कि जब अपनी बूढ़ी माता से पूछा कि अस्पताल में आपका कैसे ख्याल रखा गया तो उन्होंने बताया कि बिल्कुल घर की तरह ही। अस्पताल में डॉक्टर और नर्स हौसला बढ़ाती रहीं। खाना भी नर्सों ने ही खिलाया। शंकराचार्य हॅास्पिटल में माता को स्वास्थ्य लाभ प्राप्त हुआ, वो पूरी तरह रिकवर हुई। इसके लिए हॉस्पिटल स्टाफ के बहुत आभारी हैं।

45 साल की महिला, सीटी स्कोर 22, ऑक्सीजन लेवल 60, संघर्ष का जज्बा जीत गया
सीटी स्कोर में संक्रमण की गंभीरता का स्तर 0 से 25 तक होता है। दुर्ग शहर की एक 45 साल महिला जब शंकराचार्य हास्पिटल में भर्ती हुईं तो उनका सीटी स्कोर 22 था, ऑक्सीजन लेवल 60 तक गिर चुका था। अपने संकल्प शक्ति से वो जूझीं। उन्होंने बताया कि हर पल यह लगा कि हिम्मत नहीं हारनी है। हास्पिटल स्टाफ ने जैसे ही क्रिटिकल मरीजों के किस्से बताए जो ठीक हुए। इससे हौसला मिला और अंतत: कोविड से बाहर आई।

अच्छा लगता है कि जब ऐसे क्रिटिकल मामलों में सफलता मिले
इस संबंध में डॉक्टर सुगम सावंत ने बताया कि कोविड के प्रोटोकाल के मुताबिक ऑक्सीजन लेवल 94 से गिरते ही हॉस्पिटल में एडमिट होने की सलाह दी जाती है। हॉस्पिटल में ऑक्सीजन के साथ ही मेडिसीन भी प्लान किए जाते हैं। मरीजों के हौसले पर भी काम करते हैं। संकल्पशक्ति दृढ़ रखने से और उचित इलाज से रिकवरी की राह आसान हो जाती है।

Dakshi Sahu
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