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BSP टाउनशिप के व्यापारियों को तगड़ा झटका, कोर्ट ने लीज नवीनीकरण की राशि को बताया जायज

बीएसपी के मामले में बीएसपी के पक्ष में फैसला करते हुए बीएसपी की लीज नवीनीकरण राशि की मांगों को पूर्णत: जायज ठहराया है।
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भिलाई

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Dakshi Sahu

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Updated: 19 Jun 2018, 12:02 PM IST

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BSP टाउनशिप के व्यापारियों को तगड़ा झटका, कोर्ट ने लीज नवीनीकरण की राशि को बताया जायज

भिलाई. टाउनशिप के व्यापारियों को तगड़ा झटका लगा है। न्यू सिविक सेंटर स्थित लीज पर आवंटित दुकानों के लीज नवीनीकरण के संबंध में चतुर्थ अपर जिला न्यायाधीश, जिला न्यायालय दुर्ग ने प्रहलाद कुमार तिवारी बनाम सेल बीएसपी के मामले में बीएसपी के पक्ष में फैसला करते हुए बीएसपी की लीज नवीनीकरण राशि की मांगों को पूर्णत: जायज ठहराया है।

लीज नवीनीकरण शुल्क की मांग की
न्यायालय ने लीजधारक प्रहलाद कुमार तिवारी को पट्टे के निष्पादन में किसी भी अनुतोष के पाने के अधिकार को भी खारिज कर दिया है। न्यू सिविक सेंटर स्थित दुकान क्रमांक 153 के लीजधारक प्रहलाद कुमार तिवारी को बीएसपी द्वारा प्रदान किए गए 30 वर्षीय पट्टे की अवधि वर्ष 2012 में समाप्त हो गई थी। इसके बाद बीएसपी ने आगामी 30 वर्ष के लीज नवीनीकरण के लिए लीजधारक से लीज नवीनीकरण शुल्क इत्यादि की मांग की।

तिवारी द्वारा राशि का भुगतान न किए जाने की स्थिति में बीएसपी ने पब्लिक प्रेमिसेस एक्ट के तहत संपत्ति से उनके निष्कासन की कार्रवाई प्रारंभ कर दी। इस पर तिवारी ने बिलासपुर उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर दी। साथ ही बीएसपी द्वारा मांगी गई लीज नवीनीकरण शुल्क एवं सेक्युरिटी डिपॉजिट राशि का भुगतान अंडर प्रोटेस्ट कर दिया।

न्यायालय में प्रकरण लंबित
उच्च न्यायालय से तिवारी को कोई राहत नहीं मिल सकी और मामला जिला न्यायालय दुर्ग में चला।अब दुर्ग न्यायालय ने बीएसपी के पक्ष में अपना निर्णय सुना दिया है। दुकान क्रमांक 153 के अतिरिक्त न्यू सिविक सेंटर स्थित अन्य दुकानों के विरूद्ध भी दुर्ग न्यायालय में प्रकरण लंबित हैं।

संपदा न्यायालय ने पहले ही किया था फैसला
लीज नवीनीकरण को लेकर चल रहे तमाम विवादों और अटकलों पर विराम लगाते हुए भिलाई इस्पात संयंत्र बनाम जसराज कोचर एवं दिनेश कुमार सिंघल के बीच दुकान क्रमांक 182, न्यू सिविक सेंटर, के मामले में संपदा न्यायालय ने पहले ही 9 अगस्त 2017 को अपना अंतिम फैसला सुना दिया था।

जिसमें बीएसपी द्वारा की गई मांगों को जायज ठहराया गया तथा लीजधारक जसराज कोचर एवं दिनेश कुमार सिंघल को दुकान के अवैध कब्जाधारी घोषित कर दुकान से बेदखल करने का आदेश दिया था। दिनेश कुमार सिंघल ने संपदा न्यायालय के फैसले के विरूद्ध दुर्ग न्यायालय में याचिका दायर की थी जो अभी लंबित है।

प्रबंधन ने कहा देर करेंगे तो और बढ़ती जाएगी राशि
जितना विलंब किया जाएगा नवीनीकरण राशि बढ़ती जाएगी और तय समय सीमा बाद भुगतान किए जाने पर दण्डराशि भी जुड़ जाएगी। नोटिस दिए जाने के एक वर्ष बाद लीज नवीनीकरण कराने पर स्टेट बैंक के (बीएसपी के लिए) उधार दर से 2 प्रतिशत अतिरिक्त ब्याज दण्डराशि के रूप में प्रतिवर्ष लिये जाने का प्रावधान है। जुलाई 2017 से जीएसटी लागू हो जाने से न्यू सिविक सेंटर के लीजधारकों के लिए नवीनीकरण राशि पहले ही 18 प्रतिशत बढ़ चुकी है।

विवाद की यह वजह
प्रबंधन 30 वर्षीय पट्टे की अवधि पूरी होने के बाद लीज नवीनीकरण के लिए जमीन की वर्तमान बाजार मूल्य का करीब 25 प्रतिशत प्रीमियम की मांग कर रहा है। व्यापारियों का कहना है कि शर्त के मुताबिक प्रबंधन केवल एक बार प्रीमियम वसूल सकता है। ग्राउंड रेंट और सर्विस चार्ज में 50 प्रतिशत तक की वृद्धि की जा सकती है।

बेदखल कर देंगे
प्रबंधन का कहना है कि लीजधारकों को मांगी गई नवीनीकरण राशि को जमा करना होगा अन्यथा दुकान से बेदखली की जाएगी। लीजधारकों को लीज समाप्ति के बाद से बेदखली की अवधि तक दुकान पर कब्जा बनाए रखने का बीएसपी को बकाया एवं क्षतिपूर्ति राशि भी चुकाना होगा।

न्यायालय के फैसले का सम्मान
स्टील सिटी चेंबर ऑफ कॉमर्स केअध्यक्ष ज्ञानचंद जैन ने कहा है कि वे जिला न्यायालय के फैसले का सम्मान करते हैं। मगर शीर्ष न्यायालयों के द्वार अभी उनके लिए खुले हैं। जैन ने व्यापारियों से भ्रमित व हताश नहीं होने की अपील करते हुए कहा है कि स्वयं राजस्व मंत्री इस बात से सहमत हैं कि निगम आधिपत्य क्षेत्र में स्थित बीएसपी को शासन के नियमों को पालन करना होगा जैसा कि छग हाउसिंग बोर्ड व अन्य बिल्डर्स के लिए प्रभावी है। हाल ही में दौरे पर आए प्रधानमंत्री को भी राजस्व मंत्री प्रेमप्रकाश पांडेय ने इस बात से अवगत कराया है। सेल बोर्ड को अपने नियम, शर्तों में बदलाव करना होगा।