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देवउठनी एकादशी 2023 : आज तुलसी विवाह.. योग निद्रा से जागेंगे भगवान विष्णु, जानिए इस दिन की अलौकिक कहानी

Ekadashi Festival 2023 : ट्विनसिटी में तुलसी विवाह की तैयारियां शुरू हो चुकी है।
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भिलाई

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Kanakdurga jha

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Updated: 23 Nov 2023, 8:39 AM IST

जानिए इस दिन की अलौकिक कहानी

जानिए इस दिन की अलौकिक कहानी

भिलाई। Ekadashi Festival 2023 : ट्विनसिटी में तुलसी विवाह की तैयारियां शुरू हो चुकी है। बाजार में लोग पूजा सामग्रियों की खरीदारी कर रहे हैं। कार्तिक शुक्लपक्ष एकादशी तिथि यानी 23 नवंबर को तुसली विवाह का पर्व पारंपरिक श्रद्धाभाव से मनाया जाएगा। इस एकादशी को देवउठनी एकादशी भी कहते हैं। इसी दिन भगवान विष्णु योग निद्रा से जागते हैं। देव जागने के साथ ही चार माह बाद शादी ब्याह जैसे मांगलिक कार्य फिर शुरू हो जाएंगे।

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25 लाख गन्ने की बिक्री का अनुमान

तुलसी विवाह में गन्ने का मंडप सजाया जाता है। बाजार में गन्ने की बिक्री शुरू हो गई। गन्ना विक्रेताओं ने बताया कि इस साल बाजार में कवर्धा और अंबिकापुर से अधिक गन्ने लाए गए हैं। पिछले साल के मुकबाले गन्ने की कीमत में 2 से 3 रुपए तक वृद्धि हुई है। गन्ना विक्रेताओं के मुताबिक ट्विनसिटी में करीब 25 लाख से अधिक गन्नों की बिक्री का अनुमान है। प्रति गन्ना औसतन 20 रुपए माना जाए तो गन्ने का कारोबार 5 करोड़ होता है। इस दिन भगवान विष्णु और मां तुलसी की पूजा के लिए धूप, दीप, माला, फूल माला, वस्त्र, सुहाग की सामग्रियां, लाल चुनरी, साड़ी, हल्दी, आंवला, बेर,अमरूद आदि मौसमी फलों की जरूरत पड़ती है।

श्राप मुक्ति के लिए लिया शालिग्राम अवतार

पौराणिक कथा के अनुसार वृंदा नाम की एक कन्या थी जिसका विवाह समुद्र मंथन से उत्पन्न हुए जलंधर नाम के राक्षस से हुआ था। वृंदा भगवान विष्णु की भक्त के साथ एक पतिव्रता स्त्री थी। वृंदा की पवित्रता के कारण ही जलंधर और भी ज्यादा शक्तिशाली हो गया था। देवता उसे पराजित नहीं कर पा रहे थे। तब भगवान विष्णु ने जलंधर का भेष धारण किया और वृंदा की पवित्रता नष्ट कर दी। वृंदा की पवित्रता समाप्त होते ही जलंधर की ताकत भी खत्म हो गई और भगवान शिव ने जलंधर का वध कर दिया।