CM भूपेश गैर जिम्मेदार, दुर्ग सांसद का फूटा गुस्सा, कहा हर मामले में खुद को नंबर 1 बताया अब कोरोना ने तोड़ा भ्रम

Coronavirus in Chhattisgarh: प्रदेश सरकार कोरोना पीडि़तों को अस्पताल में बेड, ऑक्सीजन, वेंटिलेटर व अन्य चिकित्सकीय सुविधाएं उपलब्ध नहीं करा पा रही है, जो राज्य सरकार की लचर व्यवस्था का बड़ा प्रमाण है।

By: Dakshi Sahu

Published: 20 Apr 2021, 05:50 PM IST

दुर्ग. सांसद विजय बघेल (Durg MP Vijay Baghel) ने सोमवार को वर्चुअल प्रेस कांफ्रेंस कर सीएम भूपेश बघेल (CM Bhupesh Baghel) पर सीधा निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि छत्तीसगढ़ में कोरोना महामारी की स्थिति भूपेश सरकार की गैर जिम्मेदाराना कार्य की वजह से पैदा हुई है। इसके लिए मुख्यमंत्री व उनके मंत्री सीधे-सीधे जिम्मेदार हैं। कोरोना (Coronavirus) से अब तक प्रदेश में 6 लाख लोग संक्रमित हो चुके हैं। 5 हजार से अधिक लोगों की आकस्मिक मौत हो चुकी है। कोरोना संक्रमण के बढ़ते हुए इन आंकड़ों से प्रदेश में हाहाकार मचा हुआ है। बावजूद प्रदेश सरकार कोरोना पीडि़तों को अस्पताल में बेड, ऑक्सीजन, वेंटिलेटर व अन्य चिकित्सकीय सुविधाएं उपलब्ध नहीं करा पा रही है, जो राज्य सरकार की लचर व्यवस्था का बड़ा प्रमाण है।

कोरोना संक्रमण से राज्य की छवि हुई धूमिल
सांसद बघेल ने कहा कि कोरोना आंकड़ों के मुताबिक देश में छत्तीसगढ़ प्रथम स्थान पर आ गया हैं। हर मामले में मुख्यमंत्री हमेशा नंबर वन पर रहने का भ्रम फैलाते हैं। कोरोना संक्रमण में भी प्रदेश नंबर वन आने से मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ की छवि धूमिल की है। सांसद ने मुख्यमंत्री व स्वास्थ्य मंत्री के बीच गुटबाजी हावी होने का आरोप लगाते हुए कहा कि समन्वय के अभाव में कोरोना रोकथाम के लिए कोई बड़े निर्णय नहीं लिए जा रहे हैं, जबकि इसके विपरीत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देश पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन छत्तीसगढ़ में कोरोना नियंत्रण को लेकर लगातार सक्रियता बनाए हुए हैं।

सीमित संसाधन के साथ लड़ रहे वारियर्स
दुर्ग सां सद विजय बघेल ने बेमेतरा का उल्लेख करते हुए कहा कि यहां अधिकारी सीमित संसाधनों में कोरोना के रोकथाम में जुटे हुए है। भारतीय कोविड वैक्सीन को बदनाम करने कांग्रेस ने लोगों में भ्रम फैलाया है, नहीं तो अभी तक टीकाकरण अभियान पूर्ण हो चुका होता।

रेमडेसिविर की कालाबाजारी रोकने में सरकार असफल
सांसद ने कहा कि रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी रोकने में भी राज्य सरकार असफल रही है। जिसकी वजह से प्रदेश में रेमडेसिविर इंजेक्शन की किल्लत की स्थिति पैदा हुई। राज्य सरकार स्थिति को सुधार सकती थी, लेकिन इच्छा शक्ति की कमी स्पष्ट नजर आई। कोरोना पीडि़त मरीजों के परिजनों को मोटी रकम चुकानी पड़ी जो मरीजों के परिवार के साथ बड़ा अन्याय है।

Dakshi Sahu
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned