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किसानों के लिए खुशखबरी : चार अगस्त तक कर सकते हैं फसल बीमा के लिए आवेदन

जो किसान प्रधानमंत्री फसल बीमा के लिए अब तक आवेदन नहीं कर पाए हैं वे चार अगस्त (शनिवार) तक फसल बीमा के लिए आवेदन कर सकते हैं।
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भिलाई

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Satya Narayan Shukla

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Updated: 2 Aug 2018, 7:12 PM IST

Rajnandgaon patrika

किसानों के लिए खुशखबरी : चार अगस्त तक कर सकते हैं फसल बीमा के लिए आवेदन

राजनांदगांव. जो किसान प्रधानमंत्री फसल बीमा के लिए अब तक आवेदन नहीं कर पाए हैं वे चार अगस्त (शनिवार) तक फसल बीमा के लिए आवेदन कर सकते हैं। किसानों को फसल बीमा के लिए आवेदन करने दो दिन का वक्त और मिल गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार खरीफ फसल में अब तक लगभग डेढ़ लाख किसानों ने फसल बीमा के लिए आवेदन किया है। किसानों को बीमा कराने में किसी तरह की दिक्कत न हो, इसके लिए जमीनी अमले को लगाया गया है।

ग्राम सभा भी हुई
बता दें कि फसल बीमा के लिए किसानों को अधिक से अधिक जागरूक करने के लिए इस बार हर गांव में ग्राम सभा का आयोजन 13 से 24 जुलाई तक कराया गया था। इसमें फसल बीमा की प्रक्रिया के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई थी। साथ ही इसमें फसल कटाई प्रयोग के बारे में, बीमा के निर्धारण के बारे में तथा अन्य विषयों पर किसानों की जिज्ञासा का समाधान किया गया। इसके साथ ही किसान रथ भी रवाना किए गए थे। किसान रथों के साथ ही पांपलेट एवं बीमा से संबंधित अन्य सामग्री प्रेषित की गई थी ताकि किसान फसल बीमा से जुड़ी हुई समस्त जानकारियों से अवगत हो जाए।

मिला सबसे ज्यादा बीमा लाभ
इस बार जिले के किसानों को बीमा क्लेम के रूप में 465 करोड़ रुपए की राशि प्राप्त हुई, यह पूरे प्रदेश में सर्वाधिक है। उल्लेखनीय है कि केंद्र शासन ने खराब मौसम एवं विभिन्न प्राकृतिक आपदाओं से किसानों को सुरक्षित करने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के रूप में महती योजना तैयार की। इसमें केवल दो प्रतिशत प्रीमियम किसानों से लिया जाता है। फसल बीमा का आधार फसल कटाई प्रयोग है। इसके लिए ग्राम पंचायत में चार खसरा फसल कटाई प्रयोग के लिए चुना जाता है।

सूखा राहत की गणना अनावारी के आधार पर

प्रयोग किसानों, जनप्रतिनिधियों एवं शासकीय अधिकारियों की उपस्थिति में होता है ताकि फसल कटाई प्रयोग में पारदर्शिता पूरी तरह बनी रहे। इसके आधार पर किसानों का बीमा क्लेम तैयार होता है। सूखा राहत की गणना अनावारी के आधार पर की जाती है और फसल बीमा योजना से इसका किसी तरह का संबंध नहीं है। इस बार बहुत से किसानों जिन्होंने सूखा राहत की राशि ली, उन्हें फसल बीमा योजना का लाभ भी मिला। साथ ही इस बार धान बोनस का वितरण भी किया गया।