
IIT Bhilai: छत्तीसगढ़ में स्कूली शिक्षा को बेहतर बनाने में आईआईटी भिलाई का अहम योगदान होगा। आईआईटी भिलाई स्कूली शिक्षा के लिए एआई बेस्ड डेटा सेंटर तैयार कर रहा है। इसका नाम विद्या समीक्षा केंद्र (एआई बेस्ड कंट्रोल एंड कमांड सेंटर) रखा गया है। इसकी घोषणा शनिवार को आईआईटी भिलाई में हुए दीक्षांत समारोह के दौरान डायरेक्टर राजीव प्रकाश ने की।
उन्होंने बताया कि इस केंद्र के जरिए स्कूल शिक्षा विभाग स्कूलों में बच्चों और शिक्षकों की हाजिरी से लेकर प्रत्येक स्कूल की बुनियादी जरूरतों और बच्चों की संख्या जैसी हर तरह की जानकारी एक क्लिक में उपलब्ध कराएगा। इससे विभागीय कार्यों में तेजी आएगी और शिक्षा विभाग त्वरित निर्णय लेकर बच्चों की शिक्षा को बेहतर बनाने में जुट सकेगा। इस सेंटर के जरिए प्रत्येक स्कूल की रियल टाइम निगरानी भी संभव हो सकेगी।
विद्या समीक्षा केंद्र की स्थापना समग्र शिक्षा कार्यालय में की जाएगी। यह केंद्र राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) की भी मदद करेगा। इससे शासकीय स्कूलों में पढ़ रहे बच्चों का स्तर परखने में बड़ी सहायता मिलेगी। यह पूरी मॉनीटरिंग आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित होगी। आईआईटी जल्द ही स्कूलों की शैक्षणिक गतिविधियों के लिए पोर्टल तैयार करने जा रहा है। इसके साथ एक विशेष कॉल सेंटर भी स्थापित होगा।
आईआईटी भिलाई के डायरेक्टर राजीव प्रकाश ने बताया कि, इस सेंटर के जरिए स्कूली शिक्षा की मूलभूत अधोसंरचना की ऑनलाइन मॉनीटरिेंग और ट्रैकिंग हो सकेगी। ऑनलाइन मॉनीटरिेंग पोर्टल के जरिए विद्यार्थी, शिक्षक और विभाग एक साथ जुड़े होंगे। इसके अलावा पीएम पोषण और विद्यार्थियों का परफॉमेंस ग्रेडिंग इंडेक्स भी समय-समय पर मालूम होता रहेगा। इसी के आधार पर शिक्षकों का प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किया जाएगा। बच्चों को मिलने वाले मिड-डे-मील की सही जानकारी रोजाना मिलेगी। बच्चों ने स्कूलों में क्या खाया पता चलेगा, वहीं कहां शिक्षक पढ़ाने नहीं पहुंचे सबकुछ तुरंत पता चल जाएगा।
इस केंद्र के जरिए स्कूल भवनों की स्थिति, कंप्यूटर लैब और स्मार्ट कक्षाएं, खेल और शारीरिक शिक्षा सुविधाएं, आईसीटी उपकरणों की स्थिति, बिजली और पानी की नियमित आपूर्ति का विवरण, स्कूलों में इंटरनेट कनेक्टिविटी की उपलब्धताओं की जानकारी विभाग को मिलती रहेगी। पूरी प्रकिया ऑनलाइन सिस्टम जनरेटेड होगी जिससे मैनुअल तौर पर कुछ भी नहीं करना होगा।
स्कूल शिक्षा अपनी स्थिति साझा करेंगे, जिसे एआई खुद-ब-खुद अपडेट करता रहेगा। इसमें बच्चों को एक परमानेंट एजुकेशन नंबर मिलेगा, जिससे उनकी शैक्षणिक निगरानी भी होती रहेगी। यही नहीं परीक्षा परिणामों का विश्लेषण भी फटाफट हो जाएगा। स्वास्थ्य जांच, पोषण स्थिति, सह-पाठ्यक्रम और सांस्कृतिक गतिविधियों में बच्चों और शिक्षकों की भूमिका की सटीक जानकारी भी मिल पाएगी।
दीक्षांत समारोह में शामिल हुईं राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मु ने कहा कि, आईआईटी और एम्स रायपुर द्वारा ऐप तैयार किया गया है, जिससे ग्रामीणों को घर बैठे स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकेंगी। राष्ट्रपति ने इस पहल की सराहना की। राष्ट्रपति ने संस्थान को सोशली रिलेवेंट अनुसंधान के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने आदिवासी समाज को सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए आईआईटी द्वारा चलाए जा रहे प्रोजेक्ट को लेकर भी संस्थान की तारीफ की। इस दीक्षांत समारोह में राष्ट्रपति के हाथों विद्यार्थियों व रिसर्च स्कॉलर्स को उपाधियां दी गई। दीक्षांत समारोह में 396 को उपाधि मिली। इस कार्यक्रम में राज्यपाल रमेन डेका और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय भी मौजूद थे।
Updated on:
03 Dec 2024 01:13 pm
Published on:
27 Oct 2024 08:07 am
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