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विश्व स्तनपान सप्ताह : मां का पहला दूध बच्चे के लिए अमृत के समान, डॉक्टर से जानिए इसके फायदे
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विश्व स्तनपान सप्ताह : मां का पहला दूध बच्चे के लिए अमृत के समान, डॉक्टर से जानिए इसके फायदे

ट्विनसिटी में एक से सात अगस्त तक विश्व स्तनपान सप्ताह मनाया जा रहा है। इस अवसर विभिन्न नर्सिंग कॅालेजेस सहित विभिन्न संस्था संगठनों की ओर से महिलाओं को जागरूक करने कार्यशाला भी लगाई जा रही है।
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भिलाई

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Satya Narayan Shukla

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Updated: 2 Aug 2018, 11:58 AM IST

भिलाई. ट्विनसिटी में एक से सात अगस्त तक विश्व स्तनपान सप्ताह मनाया जा रहा है। इस अवसर विभिन्न नर्सिंग कॅालेजेस सहित विभिन्न संस्था संगठनों की ओर से महिलाओं को जागरूक करने कार्यशाला भी लगाई जा रही है। नौ महीने तक अपने गर्भ में बच्चे को पालने के बाद भी बच्चे को रोगों से बचाने का उपाय भी मां के पास ही होता है। ऐसा माना जाता है कि बच्चे को दिया गया मां का पहला दूध किसी अमृत से कम नहीं है। इसे विज्ञान ने भी साबित कर दिया है।

इसलिए मनाते है विश्व स्तनपान दिवस
वर्तमान की भागमभाग भरी जिंदगी महिलाओं को बच्चों को स्तनपान का समय ही नहीं मिल पाता है। इसी कारण स्तनपान के लाभ बताने के लिए विश्व स्तनपान सप्ताह मनाया जाता है।

यह है स्तपान के वैज्ञानिक कारण और फायदे
विज्ञान के अनुसार जन्म के तुरंत बाद या ज्यादा से ज्यादा घंटेभर के भीतर नवजात को स्तनपान कराने पर शिशु मृत्युदर काफी कम हो सकती है। गाइनोकोलाजिस्ट डॉ निवेदिता मंडल बताती है कि नवजात शिशु के लिए पीला गाढ़ा चिपचिपायुक्त मां के स्तन का पहला दूध (कोलेस्ट्रम) संपूर्ण आहार होता है। इसे बच्चे के जन्म के तुरंत बाद यानी एक घंटे के भीतर ही शुरू कर देना चाहिए। इसके अलावा सामान्यत: बच्चे को 6 महीने की अवस्था तक नियमित रूप से स्तनपान कराने से बच्चे के शरीर की रोग प्रतिरोधक (बाडी का रजिस्टेंट पॉवर) बढ़ जाती है।

स्तनपान के फायदे
0-बच्चे को डायरिया जैसे रोग की संभावना कम हो जाती है।
0-मां के दूध में मौजूद तत्व बच्चे की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाते हैं।
0-स्तनपान कराने से मां व बच्चे के मध्य भावनात्मक लगाव बढ़ता है।
0-मां का दूध न मिलने पर बच्चे में कुपोषण व सूखा रोग की संभावना बढ़ जाती है।
0-स्तनपान कराने से मां को स्तन कैंसर की संभावना कम हो जाती है।
0-यह बच्चे के मस्तिष्क के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका का निभाता है।

शिशु आहार प्रबंधन पर एक दिवसीय कार्यशाला
विश्व स्तनपान सप्ताह के अंतर्गत पी.जी. कॉलेज ऑफ नर्सिंग में शिशु आहार प्रबंधन पर एक दिवसीय कार्यशाला हुई। डॉ. वी. मालिनी ने स्तनपान जीवन का आधार और पोषाण आहार विषय का विस्तार से जानकारी दी। कार्यशाला को डॉ ओमेश खुराना, प्रो. अभिलेखा बिस्वाल, प्रो. डॉ. श्रीलता पिल्लै, डॉ डेसी अब्राहम ने भी संबोधित किया। कॉलेज के छात्राओं द्वारा रुआबांधा में नुक्कड़ नाटक के माध्यम से महिलाओं स्तनपान के लिए जागरूक किया।