
पत्रिका हरित प्रदेश अभियान: अगली पीढ़ी को शुद्ध हवा मिले इसलिए ग्रामीणों ने शिवनाथ किनारे रोपे पौधे
भिलाई. पर्यावरण संरक्षण की जरूरत को समझकर अब गांव के लोग भी पौधरोपण के लिए आगे आने लगे हैं। पत्रिका के हरित प्रदेश अभियान से जुड़कर स्कूल, कॉलेज, कॉलोनी जैसी जगहों पर पौधेरोपण कार्यक्रम किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में रविवार को समीपस्थ ग्राम भटगांव के लोग भी पत्रिका की मुहिम से जुड़ गए। गांव में शिवनाथ नदी किनारे स्थित श्री राम स्मृति उपवन में 200 फलदार पौधे रोपे गए। यही नहीं गांववालों ने संकल्प लिया कि वे अपने लगाए पौधे का पूरा का ख्याल रखेंगे। कार्यक्रम में पत्रिका भिलाई- दुर्ग की पूरी टीम भी मौजूद थी।
श्रमदान कर श्रीराम शर्मा स्मृति उपवन विकसित कर रहे
ग्राम भटगांव में शिवनाथ नदी किनारे करीब सात एकड़ भूमि पर गांव के युवा श्रमदान कर श्रीराम शर्मा स्मृति उपवन विकसित कर रहे हैं। यहां रविवार को आम, चीकू, लीची, अमरूद, संतरा, मौसंबी, कटहल, बेर, आंवला, जामुन के 200 पौधे रोपे। पौधरोपण के इस कार्यक्रम में गांव के बच्चे, तरूण से लेकर युवा, बुजुर्ग व महिलाएं सभी शामिल हुए। गायत्री मंत्र के सस्वर पाठ के साथ पौधरोपण की शुरुआत राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के जिला सह संघचालक डॉ. रामस्वरूप शर्मा और दुर्ग विभाग प्रचारक सतीश शर्मा, गांव की सरपंच दीपा दायराम यादव, उपसरपंच यीशु साहू, पंच सुकृत दास मानिक, गणमान्य नागरिक मायाराम यादव ने किया। पौधे रोपने के बाद उन्होंने रक्षा सूत्र बांधा। सतीश ने पर्यावरण संरक्षण के लिए पौधरोपण का महत्तव बताया। पेड़ बनने तक नियमित देखभाल करने का भी संकल्प लोगों को दिलवाया।
इनका रहा विशेष योगदान
पौधरोपण के इस यज्ञ में गायत्री शक्तिपीठ दुर्ग की विनिता तिवारी, स्नेहलता साहू प्रफ्ुल्ल पटेल और उनकी पूरी टीम, रचनात्मक युवा प्रकोष्ठ गायत्री परिवार भटगांव के किशोर देशमुख, स्वामी विवेकानंद युवा मंडल, स्वामी विवेकानंद विचार क्रांति मंच और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के युवाओं की विशेष भागीदारी रही।
रोज करते हैं श्रमदान
शिवनाथ नदी किनारे जहां पर श्रीराम स्मृति उपवन बना रहे हैं वहां पहले कटीली झाडिय़ों की भरमार थी। गांव के युवाओं की टोली ने ही श्रमदान कर पूरी झाडिय़ों की सफाई की। यहां बच्चों से लेकर युवा सभी कुछ घंटे नियमित श्रमदान करते हैं। पौधे तैयार करने के लिए खुद की नर्सरी भी बना रखे हैं। पौधरोपण के लिए भी पूरे गड्ढे युवाओं ने ही खोदे।
Published on:
29 Jul 2018, 10:13 PM IST
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