भिलाई. हमें लैंगिक भेदभाव और पुरुषवादी रुढ़ि मानसिकता है, उन्हें खत्म करना है। कई रचनाएं कालजयी हैं। लेकिन कई चीजें ऐसी भी होती हैं जिनमें बहुत त्रुटिया रहती हैं। जो मेरे संस्कारों में, मेरे परिवेश में, मेरे परिवार में जो सर्वश्रेष्ठ होगा, उसे अपने पास रख लूंगी अपनी औलाद को देने के लिए और जो भी त्रुटिपूर्वक लगेगा, उसे धीरे-धीरे हटाते जाऊंगी। आई गिफ्ट यू ए रेनबो से चेष्टा ये है कि लैंगिक समानता की बात करेंगे। जहां पर बच्चियों को समान अवसर मिले। कोई आदमी दहेज प्रताड़ना से जलकर नहीं मरता। जब हम माता-पिता बने तो कभी यह फर्क नहीं करें कि बेटे को थोड़ा ज्यादा पढ़ाएंगे, बेटी को कम पढ़ाएंगे। पैसे दहेज में दे देंगे। क्योंकि अगर बेटी अगर दिल में है तो विल में भी होनी चाहिए। अगर विल में नहीं है तो बेटी से प्यार करने का ढोंग बंद कर देना चाहिए।