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दुर्गम मार्ग से भी जनकल्याण को गतिमान हुए होते हुए आचार्य पहुंचे आमा

आज बड़लियास में होगा मंगल प्रवेश, कल बरून्दनी
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भीलवाड़ा

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Suresh Jain

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Updated: 21 Nov 2021, 6:44 PM IST

दुर्गम मार्ग से भी जनकल्याण को गतिमान हुए होते हुए आचार्य पहुंचे आमा

दुर्गम मार्ग से भी जनकल्याण को गतिमान हुए होते हुए आचार्य पहुंचे आमा

भीलवाड़ा।
जन-जन का कल्याण करने का संकल्प लिए पचास हजार किलोमीटर से अधिक की पदयात्रा करने के उपरान्त भी निरंतर गतिमान आचार्य महाश्रमण रविवार को कीचड़-पानी से भरे ऊबड़-खाबड़ मार्ग से लगभग तेरह किलोमीटर का विहार कर भीलवाड़ा जिले के आमां गांव में राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय पहुंचे। इसके पूर्व अपनी अहिंसा यात्रा का कुशल नेतृत्व करते हुए आचार्य रविवार प्रात: मंगरोप से मंगल प्रस्थान किया। गत चार दिनों से हो रही बरसात भले बन्द थी, किन्तु आसमान में बादल भी छाए हुए थे और शरद ऋतु के कारण कोहरा छाया हुआ था। आचार्य कठिन मार्ग में आने वाले अनेक गांवों के श्रद्धालुओं पर आशीष वृष्टि करते लगभग ग्यारह बजे विद्यालय परिसर पहुंचे। आमा ग्रामवासियों ने आचार्य का अभिनन्दन किया।
विद्यालय में आयोजित प्रवचन में आचार्य ने उपस्थित श्रद्धालुओं से कहा कि एक सूक्त कहा गया है कि जैसी करनी वैस भरनी अर्थात आदमी जैसा करता है, वैसा फल पाता है। जो आदमी अच्छा कर्म करता है, उसे अच्छा फल प्राप्त होता है और जो बुरा करता है, उसे बुरा फल प्राप्त होता है। जो जैसी फसल बोएगा, वैसी ही फसल काटेगा। आचार्य ने एक कथानक के माध्यम से उपस्थित लोगों से कहा कि जितना संभव हो सके आदमी को किसी का बुरा करने अथवा सोचने से बचने का प्रयास करना चाहिए। आदमी को अपने जीवन में शुभ कार्य करने किसी की भलाई करने, किसी का कल्याण करने, उपकार करने का प्रयास करना करना चाहिए।
प्रवचन के बाद आचार्य के दर्शन करने पहुंचे बड़लियास के महाराज दिलीपसिंह ठाकुर ने कहा कि यह हम सभी का सौभाग्य है जो आप जैसे संत के दर्शन करने व आपकी मंगलवाणी श्रवण करने का सुअवसर प्राप्त हो रहा है। उन्होंने आचार्य से निवेदन किया कि आप जब बड़लियास पधारें तो आप हमारे निवास स्थान पर भी अवश्य पधारें तो हमसब कृतार्थ होंगे। राघव सोमानी ने पूर्व केन्द्रीय राज्यमंत्री डॉक्टर वल्लभ भाई कथीरिया का पत्र का वाचन किया। विद्यालय की ओर से विशाल, आमां निवासी विनोद चण्डालिया व मुकेश रांका ने विचार व्यक्त किए।