भीलवाड़ा। सूर्य ग्रहण के मायने रविवार को कई रहे, लेकिन युवाओं ने सूर्यग्रहण से बहुत कुछ सीखा और जाना, इनमें शास्त्रीनगर मेन सेक्टर के १७ वर्षीय अक्षत जैन भी शुमार है, अक्षत ने अंतरिक्ष में हुए खगोलीय बदलाव को देखने एवं समझने के लिए दूरबीन के जरिए अपने कैमरे में सूर्यग्रहण की विभिन्न कलाओं को कैद किया। प्रत्येक कला के बदलाव से क्या हो सकता है और ज्योतिषी क्या मानते है, यह भी जाना। दादा माणकचंद ने अपने जमाने के किस्से सुनाए तो वही ताऊ अशोक बडजात्या व पापा प्रवीण ने भी सूर्यग्रहण को लेकर जो भ्रम व आशंका की स्थिति बनी हुई थी, उसे बताया।