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भीलवाड़ा में सबसे जल्‍दी बसी इस कॉलोनी को नगर विकास न्यास अपना मानता न आटूण ग्राम पंचायत

दो थानों में बंटी कॉलोनी के वाशिंदों को नहीं पता कहां डांलेंगे वोट
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भीलवाड़ा

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Tej Narayan Sharma

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Updated: 6 Nov 2022, 6:15 PM IST

Arihant Vihar, the earliest colony in Bhilwara

Arihant Vihar, the earliest colony in Bhilwara

भीलवाड़ा।
शहर के अरिहंत विहार में चारों तरफ समस्याएं मुह बांहे खड़ी है। शहर की सबसे जल्दी बसी कॉलोनी आज भी सड़क, बिजली और पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं को तरस रही है। इसके लिए कॉलोनीवासी कई बार आवाज उठा चुके हैं। लेकिन हर बार केवल आश्वासन से ही काम चलाना पड़ रहा है। इस कॉलोनी को बसे छह साल से ज्यादा होने के बावजूद इसे नगर विकास न्यास न तो अपना मानता है और न ही आटूण ग्राम पंचायत।

कॉलोनी में पेयजल की कोई व्यवस्था नहीं है। लोग गत छह सालों से तीन किलोमीटर दूर पटेल नगर विस्तार स्थित चंबल परियोजना के वाटर टैंक से पानी भर कर लाते हैं। कॉलोनी में लगे सारे हैंडपंप खारे पानी के होने के कारण इनका पानी केवल नहाने-धोने के काम आता है। कॉलोनी में चारों तरफ रोड लाइटों का अभाव है। इससे रात के समय लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है। कुछ जगहों पर कॉलोनीवासियों ने अपने स्तर पर पैसा इक_ा कर रोड लाइट जरूर लगवाई है।


सुबह से रात तक पानी के लिए मशक्कत
कॉलोनीवासी भुवनेश धाकड़ ने बताया कि लोगों को सुबह से रात तक पानी के लिए मशक्कत करनी पड़ती है। शहर से पानी लाकर काम चलाना पड़ रहा है। कॉलोनी क्षेत्र में लगे हैंडपंप व कुओं का खारा पानी है। कॉलोनी में दो हैंडपंप खराब पड़े हैं।

वोटिंग का अधिकार भी नहीं
कॉलोनीवासी रवि पालीवाल का कहना है कि यहां के लोग वोङ्क्षटग भी नहीं करते हैं। यहां नगर परिषद का कोई वार्ड नहीं है। नालियां एवं सफाई की व्यवस्था तो भगवान भरोसे है। यूआईटी जाते हैं तो कहते है ग्राम पंचायत आटूण में जाओ। आखिर जाएं तो कहां। इसके अभाव में लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ भी नहीं मिल पा रहा है।


सड़कों पर आए दिन हो रहे हादसे
प्रेमशंकर योगी ने बताया कि कॉलोनी की सड़कें क्षतिग्रस्त है। इन पर पैदल चलना भी मुश्किल है। आए दिन लोग हादसे का शिकार हो रहे हैं। कॉलोनी बसी उस समय सड़क बनी थी। इसके बाद इस सड़क की कभी मरम्मत भी नहीं हुई।


दो थानों में बंटी कॉलोनी
एडवाकेट धीरेंद्र सिंह पंवार का कहना है कि कॉलोनी दो थाना क्षेत्रों में बंटी है। कोई भी वारदात होने पर प्रतापनगर वाले पुर थाने में भेजते हैं तो पुर थाने वाले प्रतापनगर थाने में भेजते हैं। रात में पुलिस की गश्त नहीं होने से समाजकंटकों के हौसले बुलंद हैं।


बारिश में बंद हो जाता है कॉलोनी में पहुंचना
कॉलोनीवासियों का कहना है कि शहर से कॉलोनी में पहुंचने वाली सड़क की हालत खस्ता है। सबसे ज्यादा परेशानी तो बारिश के मौसम में आती है जब कॉलोनी में पहुंचने का मार्ग बंद हो जाता है। नाले के पास व पुलिया के पास जगह-जगह से सड़क कट गई। यह सड़क वाहन चालकों के लिए खतरा बनी है। आए दिन लोग यहां नाले में गिरकर चोटिल हो रहे हैं।