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दीपावली से पहले खरीदारी के लिए धनतेरस तक शुभ योग

लॉकडाउन के बाद खुले बाजार में छाने छाने लगी रौनक
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भीलवाड़ा

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Suresh Jain

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Updated: 31 Oct 2020, 8:37 PM IST

Auspicious yoga for shopping before Deepawali in bhilwara

Auspicious yoga for shopping before Deepawali in bhilwara

भीलवाड़ा।
दीपावली और धनतेरस में खरीदारी को विशेष शुभ माना जाता है। दोनों दिन बाजार में खासी रौनक रहती है और जमकर खरीदारी होती है। लॉकडाउन के बाद खुले बाजार में नवरात्र से पहले रौनक छाने लगी थी। अब दीपावली व धनतेरस से पहले भी बाजार में खूब बिकवाली होने की संभावना है। खास बात ये है कि धनतेरस से पहले ही ग्रहों और नक्षत्रों के शुभ योग बन रहे हैं। ज्योतिषी इसे खरीदारी के लिए फलदायी बता रहे हैं।
दीपावली के साथ ही वैवाहिक सीजन की शुरुआत होने जा रही है। कोरोना के कारण इस साल गर्मियों में शादियां नहीं हो पाई थी। ऐसे में लोगों को देवउठनी ग्यारस का इंतजार है। इससे पहले शादी की खरीदारी भी होगी। कारोबारियों को ज्वेलरी, कपड़ा कारोबार और आने वाली सर्दियों को देखते हुए इलेक्ट्रानिक कारोबार को गति मिलने की उम्मीद है। पंडित अशोक व्यास का कहना है कि विशेष योगों में की गई खरीदारी सुख और समृद्धिदायी होती है।
एक के बाद एक मुहूर्त
व्यापारियों के अनुसार, शरद पूर्णिमा पर बाजार में अच्छी चहल-पहल रही। लोगों ने जमकर खरीदारी भी की। अब चार नवंबर को करवा चौथ, छह को स्कंध षष्ठी, आठ को अहोई अष्टमी व 11 नवंबर को रमा एकादशी रहेगी। इनमें खरीदी फलदायी रहेगी। कई दिन ऐसे हैं, जिनमें एक साथ दो या इससे अधिक शुभ योग हैं। दीपावली महोत्सव के दौरान धनतेरस, का सबसे बड़ा दिन व्यापारियों व आम लोगों के लिए होगा।
ये हैं खरीदारी के लिए मुहूर्त
31 अक्टूबर-कार्तिक पूर्णिमा अश्विनी नक्षत्र योग।
1 नवंबर- त्रिपुष्कर योग। नए प्रतिष्ठान का शुभारंभ व सामान्य वस्तुओं की खरीदारी उत्तम रहेगी।
3 नवंबर- सर्वार्थ सिद्धि योग। मांगलिक कार्य व गृह उपयोगी वस्तुओं की खरीदारी कर सकते हैं।
4 नवंबर- सर्वार्थ सिद्धि, बुधवार का दिन। रत्न आभूषण व वस्त्र खरीदना लाभकारी रहेगा।
6 नवंबर- स्कंद षष्ठी। खरीदारी शुभकारक रहेगी।
8 नवंबर- कुमार योग, अश्लेषा नक्षत्र व अहोई अष्टमी। खाद्यान, औषधि व मांगलिक कार्य करना श्रेष्ठ फलदायी।