प्रदेश में शैक्षणिक सत्र शुरू हुए ढाई माह बीतने के बावजूद सरकारी विद्यालयों में बच्चों को कुपोषण से मुक्त करने के लिए की गई मुख्यमंत्री बाल गोपाल योजना की बजट घोषणा धरातल पर नहीं उतर पाई हैं। हालात यह है कि इसके फेर में लाखों बच्चे योजना के लाभ से वंचित हैं। हालांकि इसके पीछे योजना की शुरूआत को लेकर सरकार स्तर से निर्देश नहीं मिलने का तर्क दिया जा रहा हैं, लेकिन एक आशंका यह भी जताई जा रही है कि हाल ही में लंपी संक्रमण बढ़ने के बाद दूध की पर्याप्त आपूर्ति नहीं हो रही हैं। जिससे विद्यालयों में इसके क्रियान्वयन में देरी हो रही हैं।