भीलवाड़ा डेयरी के एमडी विपिन शर्मा ने बताया कि बढ़ी हुई दर 16 अक्टूबर से लागू होगी। जिले में ऐसे तो लगभग 65 हजार पशुपालक पंजीकृत है, लेकिन वर्तमान में लंपी वायरस के चलते मात्र 45 हजार पशुपालक ही दूध दे रहे हैं। यह दूध जिले में संचालित 950 समितियों के माध्यम से डेयरी तक पहुंच रहा है। वर्तमान में पशुपलाकों को औसत दर 45 रुपए लीटर से दूध की खरीद कर रही है। इसमें दुग्ध उत्पादक सम्बल योजना के तहत राज्य सरकार की ओर से दी जा रही पांच रुपए प्रतिलीटर अनुदान राशि भी शामिल है। यह राशि सीधे पशुपालक के खाते में जा रही है। अभी डेयरी में 3 लाख 15 हजार लीटर दूध आ रहा है। शर्मा ने बताया कि गायों को निःशुल्क टीकाकरण किया गया है। अब तक जिले में पचास हजार से ज्यादा गायों का टीकाकरण किया गया है। लम्पी से ग्रसित गायों के उपचार के लिए दुग्ध उत्पादकों को निःशुल्क दवा किट दुग्ध समितियों के माध्यम से उपलब्ध कराया गया है। अब तक 20 लाख रुपए से ज्यादा की दवाओं का वितरण किया जा चुका है।