पिछले दिनों भीलवाड़ा में ग्रामीण विकास एवं पंचायत राज मंत्री रमेश मीणा ने जिला परिषद की समीक्षा बैठक ली थी। बैठक में जलग्रहण विकास, भू संरक्षण विभाग एवं स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण में गंभीर अनियमितताएं सामने आई थी। मीणा ने एसबीएम के कोर्डिनेटर दिनेश चौधरी को तुरन्त हटाने के आदेश दिए थे। इसके बाद प्रमुख शासन सचिव अर्पणा अरोड़ा ने 19 मई को पंचायती राज विभाग के वित्तीय सलाहकार की अध्यक्षता में चार अधिकारियों की कमेटी गठित कर 15 दिन में जांच कर रिपोर्ट मांगी थी। यह टीम गुरुवार को भीलवाड़ा पहुंची और सर्किट हाउस में दस्तावेज मंगवाकर जानकारी ली। यह टीम शुक्रवार को जयपुर लौट गई।
यह है मामला
स्वच्छ भारत मिशन के तहत वर्ष 2019-20 में प्रशिक्षण व प्रचार प्रसार में अनुमत मद से 300 प्रतिशत अधिक राशि का व्यय किए जाने, बिना निविदा के वॉल पेन्टिंग का कार्य करवाने एवं केआरसी को विभागीय मानदण्डों के अनुरूप प्रशिक्षण नहीं करवाने के बावजूद 3.79 करोड रुपए का भुगतान किए जाने संबंधी अनियमितताएं सामने आई है।