मेट का करते थे काम, इसलिए कार्यशैली से परिचितपूछताछ में सामने आया कि आरोपी शिशपाल और उसका सहयोगी गोरधनराम दोनों जोधपुर में ग्राम पंचायत में मनरेगा में मेट का काम करते थे तथा ई-मित्र की दुकान भी चलाते थे। इसके चलते इनका जोधपुर जिले के फलौदी पंचायत समिति में आना-जाना था। वहां से आरोपियों ने भुगतान प्रक्रिया को समझा व बीडीओ की एसएसओ आईडी व पासवर्ड चुरा लिया। गत 4 फरवरी व 5 फरवरीी को अवैध तरीके से राजस्थान के कई पंचायत समितियों के खंड विकास अधिकारियों की आईडी हैक करके पासवर्ड डालकर सर्वर में प्रवेश कर खाते से राशि अपने और परिचितों के खाते में डलवा दी। आरोपियों ने टोंक, अजमेर, भीलवाड़ा, सवाईमाधोपुर, अलवर, पाली, जोधपुर, जैसलमेर, गंगानगर समेत कई जिलों में वारदात की। आरोपी शिशपाल के खिलाफ पूर्व में धोखाधड़ी के कई मुकदमे है। इनमें से कइयों में चालान भी पेश हो गया।