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जनता का सवाल: आखिर कब तक सोएंगे जिम्मेदार, मौत के बाद जागेंगे क्या…

  नेहरू मार्ग सहित प्रमुख सड़कों पर हादसों का डर
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भीलवाड़ा

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Varun Kumar Bhatt

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Updated: 10 Aug 2022, 9:26 PM IST

जनता का सवाल: आखिर कब तक सोएंगे जिम्मेदार, मौत के बाद जागेंगे क्या...

जनता का सवाल: आखिर कब तक सोएंगे जिम्मेदार, मौत के बाद जागेंगे क्या...

भीलवाड़ा. पांच लाख की आबादी के शहर में आमजन से जुड़ी समस्याओं के समाधान के मामले में अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों ने पूरी तरह से आंखें मूंद रखी हैं। यहीं कारण है कि सड़कों की दशा अब तक नहीं सुधर पाई है। इसी बीच, शहर में कई व्यस्ततम मार्ग ऐसे हैं, जहां सड़क पूरी तरह से गड्ढों में तब्दील हो गई है। सड़क के बीच से गुजर रहे नाले-नाली की जालियां उखड़ी पड़ी है। जहां आए दिन हादसे होने के बावजूद इसे ठीक नहीं किया जा रहा है। ताजा मामला शहर के नेहरू मार्ग का है, जहां मुख्य सड़क पर जाली पूरी तरह से निकली है। परिषद की ओर से नाले की सफाई के दाैरान इसे हटाने के बाद दोबारा सही नहीं करने से आए दिन हादसे हो रहे हैं। समस्या का समाधान नहीं होने से लोगों में भी रोष बढ़ता जा रहा हैं।

लंबे समय से हो रहे परेशान

व्यापारी प्रवीण पटवा का कहना है कि तीन माह से अधिक समय से मुख्य मार्ग पर यह समस्या है। अतिव्यस्त मार्ग होने से दिन से रात तक आवाजाही लगी रहती है। ऐसे में हर बार हादसे का भय रहता है। बरसात में पानी भरा रहने से ज्यादा गंभीर िस्थतियां बनती है। अभी बरसात का दौर थमा है, ऐसे में नगरपरिषद को तत्काल इस समस्या का समाधान कराना चाहिए।

अशोक बिश्नोई का कहना है कि लंबे समय से समस्या है। हर दिन चार से पांच लोग दुर्घटनाग्रस्त हो रहे हैं। आसपास के लोग भी आए दिन परेशान हो रहे हैं। इसकी जानकारी जिम्मेदार विभागों को होने के बावजूद आमजन से जुड़ी समस्या पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। बड़ा हादसा हो, उससे पहले ही समस्या का समाधान कर राहत देनी चाहिए।

ये समस्याएं भी दे रही दर्द- अधिकांश सड़कें उधड़ी पड़ी है। बरसात में जल भराव एवं आम दिनों में कंकड़ एवं मिट्टी से परेशानी।

- पूरे शहर के मुख्य सड़कों पर मवेशियों का डेरा लगा है। इससे हरदम हादसे का अंदेशा।- नालों की साफ-सफाई एवं सुरक्षा दीवारों का अभाव। बदबू से आसपास के लोग परेशान।