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सोलर एनर्जी में भीलवाडा के बढ़ते कदम

भीलवाड़ा. सौर ऊर्जा क्षेत्र में देश में वस्त्रनगरी भीलवाड़ा एक मॉडल बनता जा रहा है। यहां अब तक 300 से अधिक सोलर पावर प्लांट लग चुके हैं।
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भीलवाड़ा

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Suresh Jain

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Updated: 13 May 2023, 11:47 AM IST

सोलर एनर्जी में भीलवाडा के बढ़ते कदम

सोलर एनर्जी में भीलवाडा के बढ़ते कदम

भीलवाड़ा. सौर ऊर्जा क्षेत्र में देश में वस्त्रनगरी भीलवाड़ा एक मॉडल बनता जा रहा है। यहां अब तक 300 से अधिक सोलर पावर प्लांट लग चुके हैं। इनमें 100 किलोवाट से लेकर 2 हजार किलोवाट तक के प्लांट शामिल हैं। बिजली उत्पादन में प्रदेश में भीलवाड़ा अव्वल बना हुआ है। भीलवाड़ा की टेक्सटाइल इकाइयों, प्रतिष्ठान व घरों में इस तरह के प्लांट लगा रहे हैं। कई इकाइयां कपड़ा बनाने एवं प्रोसेसिंग में सोलर ऊर्जा पर ही निर्भर है।

राजस्थान का सबसे बड़ा व पहला सिंगल रूपटॉप सोलर पावर प्लांट भीलवाड़ा में बनाया जा रहा है। यह प्लांट एक औद्योगिक इकाई में लगाया जा रहा है। 21 करोड़ की लागत से लगने वाले इस प्लांट पर अत्याधुनिक प्लेट्स लगाई जा रही है। 5 मेगावाट के इस सिंगल रूपटॉप सोलर प्लांट से रोजाना करीब 20 हजार यूनिट बिजली का उत्पादन होगा।

ग्रीन एनर्जी-क्लीन एनर्जी के क्षेत्र में राजस्थान को अग्रणी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बढ़ाते हुए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राज्य में सौर ऊर्जा नीति-2019 में बनाई थी। सरकार की ओर से प्रदेश में सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने एवं सौर ऊर्जा आधारित संयंत्रों को स्थापित करने की ओर महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। इनके परिणाम भी नजर आने लगे हैं।
राजस्थान में यहां चल रहे हैं सोलर पार्क

सोलर पार्क प्लांट विकसित करने में राजस्थान का नाम दुनिया में सबसे आगे हैं। जोधपुर के फलौदी क्षेत्र में भड़ला सोलर पार्क 14 हजार एकड़ यानि करीब 50 हजार वर्ग किमी में फैला है तथा यहां पर 18 बड़ी कंपनियों के 36 सोलर प्लांट लगे हुए हैं। जैसलमेर, जोधपुर की सीमा से सटे बीकानेर जिले नोखा में सोलर पार्क प्लांट लगा है। लेकिन भीलवाड़ा में व्यक्तिगत स्तर पर सिंगल रूपटॉप पर लगाया जा रहा सोलर प्लांट राजस्थान में सबसे बड़ा प्लांट माना जा रहा है।
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सूरज की शक्ति से बनेगा स्वर्णिम भारत
जब तक सूरज है तब तक बिजली है। सौर ऊर्जा सस्ती, टिकाऊ और कार्बन उत्सर्जन से मुक्त है। राजस्थान देश में सौर ऊर्जा का प्राथमिक केन्द्र है। वर्ष 2030 तक 75 गीगावॉट बिजली सूरज से बनने लगेगी। भारत में ड्यू स्मार्ट सिटी शत प्रतिशत सौर ऊर्जा से चलती है। जिस तरह से जलवायु परिवर्तन हो रहा है और थर्मल ऊर्जा से कार्बन उत्सर्जन हो रहा है वो दिन दूर नहीं जब देश शत प्रतिशत अक्षय ऊर्जा पर कार्य करेगा। जैसे नॉर्वे, उरुग्वे आदि देश कर रहे हैं।

सुरेन्द्र जैन
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सोलर सिस्टम देश के विकास में सबसे पहला और सबसे बड़ा हिस्सेदार है। देश के लोग इसके लिए पूरी तरह से जागृत है। सोलर लगाने में काफी रुचि दिखा रहे हैं। उसके बहुत अच्छे रिजल्ट भी मिल रहे हैं। सरकारी अनुदान भी मिल रहा है। सोलर एनर्जी में सरकार पूरी तरह से सहयोग कर रही है। इसके चलते भारत और उसमें भी राजस्थान आने वाले कुछ वर्षों में सोलर का बहुत बड़ा उत्पादन सेन्टर बनेगा।
गोविन्द खण्डेलवाल

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सोलर एनर्जी के प्रति कुछ गलत धारणा है कि यह सिर्फ धूप में ही काम करती है, लेकिन ऐसा नहीं है। बरसात और बादल जैसे मौसम में भी बिजली का उत्पादन होता है। इसका कारण है कि सोलर पेनल सूर्य से प्रचूर मात्रा में प्रकाश लेते हैं ना कि सूर्य की तेज गर्मी से। सूर्य के अलावा क्रत्रिम प्रकाश की तेज रोशनी से भी सोलर सेल को चार्ज किया जा सकता है। सौर ऊर्जा का भविष्य उज्जवल है। इसमें सोलर फ़ैब्रिक, सोलर टेंट, सोलर टाइल्स, सोलर कर्टेन, सोलर वॉल पैनल्स, सोलर सॉकेट, आउटलेट्स, सोलर एसी आदि भीलवाड़ा के बाजार में नजर आएंगे।

गिरिराज धूत
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सौर ऊर्जा उत्पादन के अनुकूल परिस्थितियां होने के कारण शहर व जिले में कई व्यापारी सोलर प्लांट लगा रहे हैं। घर पर सोलर लगाने पर सरकार की ओर से अनुदान भी दिया जा रहा है। इस योजना का लाभ लेने के लिए भीलवाड़ा लोग आ रहे हैं। सोलर एनर्जी में भीलवाड़ा के कई व्यापारियों ने कदम रखे हैं। सुख-समृद्धि और सही निवेश करके बिजली के बिल से छुटकारा पाना है तो सोलर सिस्टम लगवाना ज्यादा सही है। बिजली का उत्पादन बढ़ेगा तो उद्योग, रोजगार और देश की आर्थिक स्थिति में भी बहुत सुधार होगा।
अस्विनी नामा