पुलिस, सार्वजनिक निर्माण और परिवहन विभाग की ओर से ब्लैक स्पॉट की पहचान में सबसे ज्यादा खतरनाक भीलवाड़ा-चित्तौढ़गढ़ राजमार्ग पर कान्याखेड़ी चौराहे को माना गया है। यहां वर्ष-2020 से 23 तक 38 हादसे हुए। इनमें 25 जनों की मौत हुई। दूसरे स्थान पर भीलवाड़ा-उदयपुर मार्ग पर रगसपुरिया चौराहा है। यहां वर्ष-2020 से 23 तक में 15 हादसे हुए। इनमें 15 जनों की मौत हुई। तीसरे स्थान पर बीगोद में यशकंवर धाम रहा, जहां तीन साल में 10 हादसे हुए। इनमें 17 लोगों ने दम तोड़ा।