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सुबह-सबेरे घर-घर लाई पीली मिट्टी, आंगन को किया शुद्ध

भीलवाड़ा. धनतेरस काे भगवान कुबेर और माता लक्ष्मीजी की पूजा की गई। इस दिन सोना, चांदी और ज्वैलरी खरीदना शुभ है लेकिन मेवाड़ में धनतेरस को पीली मिट्टी की पूजा कर उसे घर लाने की परंपरा है।
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भीलवाड़ा

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Suresh Jain

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Updated: 23 Oct 2022, 8:46 PM IST

सुबह-सबेरे घर-घर लाई पीली मिट्टी, आंगन को किया शुद्ध

सुबह-सबेरे घर-घर लाई पीली मिट्टी, आंगन को किया शुद्ध

भीलवाड़ा. धनतेरस काे भगवान कुबेर और माता लक्ष्मीजी की पूजा की गई। इस दिन सोना, चांदी और ज्वैलरी खरीदना शुभ है लेकिन मेवाड़ में धनतेरस को पीली मिट्टी की पूजा कर उसे घर लाने की परंपरा है।

भीलवाड़ा में महिलाएं अल सुबह मिट्टी लाने बर्तन लेकर घर से निकली महिलाएं कोठारी नदी किनारे गई। दीपक जलाकर पूजा की पीली मिट्टी के बर्तन भरे। मान्यता है कि मिट्टी को घर ले जाने से घर में लक्ष्मी का प्रवेश और धन का वास होता है। इस मिट्टी से घर के आंगन को लीप कर शुद्धीकरण किया गया। पूजा करने आई महिला राखी ने बताया कि धनतेरस पर यह परंपरा सदियों पुरानी है। हमने दीपक, कुमकुम, जल, अगरबत्ती और धान से मिट्टी की पूजा की।
हर जगह रखी पीली मिट्टी

नगर विकास न्यास ने शहर के प्रमुख चौराहे पर ट्रैक्टर से पीली मिट्टी रखवाई ताकि महिलाओं को जंगल या नदी किनारे नहीं जाना पड़े। राजीव गांधी चौराहा, लव गार्डन रोड, आरसी व्यास कॉलोनी, शास्त्रीनगर समेत अन्य स्थानों पर रखवाई गई। महिलाएं यहां से दीपक कर मिट्टी अपने साथ घर ले गई।