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दहेज की खातिर जलाया, कोर्ट ने सुनाई उम्रकैद

राजस्थान में दस वर्ष पूर्व दहेज के लिए प्रताड़ित की गई विवाहिता की मौत के मामले में न्यायालय ने आरोपित पति को दोषी मानते हुए एक फैसले में उम्रकैद की सजा सुनाई।
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भीलवाड़ा

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Narendra Kumar Verma

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Updated: 10 May 2023, 4:24 PM IST

दहेज की खातिर जलाया, कोर्ट ने सुनाई उम्रकैद

दहेज की खातिर जलाया, कोर्ट ने सुनाई उम्रकैद

राजस्थान में दस वर्ष पूर्व दहेज के लिए प्रताड़ित की गई विवाहिता की मौत के मामले में न्यायालय ने आरोपित पति को दोषी मानते हुए एक फैसले में उम्रकैद की सजा सुनाई।

लोक अभियोजक फरीद मिर्जा के अनुसार 22 जुलाई 2013 को चित्तौडगढ़ जिले में बेगूं थाना अंतर्गत चंदाखेड़ी गांव में विवाहिता बगदी बाई की की जलने से मौत हुई थी । विवाहिता के पति मुकेश पुत्र नारायण जटिया ने विवाहिता के पीहर रतनगढ़ मप्र में घटना की सूचना दी। इसी मामले में बगदी बाई के पिता रतनगढ़ निवासी नन्दा पुत्र दयाराम जटिया ने बेगूं थाने में मामला दर्ज करा बताया कि उसकी पुत्री बगदी बाई का विवाह 3 वर्ष पहले मुकेश जटिया निवासी चन्दाखेडी के साथ हुआ था।

विवाह के पश्चात से ही उसके ससुराल में रह रही थी। जब वह पीहर आती तो सास, ससुर एव पति के झगडा करने के बारे में बताती थी। 20 सितम्बर 2013 को सुबह चंदा खेड़ी से बगदी बाई के मरने के समाचार सुन कर वह सभी परिजन चंदाखेड़ी पहुंचे। मृतका की हत्या करने का मामला दर्ज कराया।

अभियोजन पक्ष के अनुसार मामले में पुलिस ने धारा 304 बी में आरोपित मुकेश जटिया आदि के विरुद्ध मामला दर्ज किया। पोस्टमार्टम व एफएसएल रिपोर्ट एव अन्य बयानों से आरोपित मुकेश जटिया के विरुद्ध भादस 304 बी का अपराध प्रमाणित पाया । मृतका के ससुर सास, जेठानी, जेठ के खिलाफ तफतीश से कोई तथ्य सामने नहीं आया। ऐसे में पुलिस ने न्यायालय में वाद प्रस्तुत किया। न्यायालय ने 30 गवाह एवं 13 दस्तावेज के माध्यम से मामले को धारा 302 का माना।

अपर जिला एव सेशन न्यायालय के पीठासीन अधिकारी राकेश गोयल ने सुनाए फैसले में आरोपित मुकेश को आजीवन कारावास एवं 50 हजार रुपए अर्थदण्ड की सजा सुनाई।