
निर्दोष लोगों की रिहाई की मांग को लेकर खजूरी कस्बे में धरने पर बैठे ग्रामीण
अमरगढ़।
रजवास में हुई आगजनी की घटनाओं के बाद पुलिस द्वारा एकतरफा कार्रवाई कर निर्दोष लोगों को गिरफ्तार किए जाने के विरोध में खजूरी कस्बा तीसरे दिन शुक्रवार को भी बंद रहा। निर्दोष लोगों की रिहाई की मांग को लेकर ग्रामीण कस्बे में धरना देकर मौन प्रदर्शन कर रहे हैं।
जानकारी के अनुसार रजवास गांव में कंजर बस्ती में आगजनी की घटना के बाद पुलिस द्वारा खजूरी गांव में निर्दोष लोगों की गिरफ्तारी के विरोध में ग्रामीणों ने तीन दिन से बाजार बंद कर रखे है। ग्रामीण धरने पर बैठकर मौन प्रदर्शन कर रहे हैं। गांव के बच्चे स्कूल नहीं जा रहे हैं। वहीं मेडिकल स्टोर भी बंद होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गो सेवा आयोग के पूर्व अध्यक्ष गोपाल केसावत ग्रामीणों से मिले।
पुलिस की एकतरफा कार्रवाई का विरोध
ग्रामीणों का कहना है कि खूजरी कस्बे में चोरी की घटना के बाद पुलिस ने कार्रवाई करने के बजाय मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया। जिससे अरोपितों के हौसले बुलंद हो गए। इसके बाद उन्होंने दूसरे दिन फिर दो घरों को निशाना बनाते हुए चोरी की वारदात को अंजाम दिया। इससे ग्रामीणों में रोष फैल गया और ग्रामीण आक्रोशित हो गए थे। आगजनी की घटनाओं में पुलिस द्वारा की गई एकतरफा कार्रवाई के विरोध में ग्रामीणों ने पुलिस के खिलाफ नाराजगी जताई है।
यह था मामला
खजूरी में बढ़ती चोरियों की वारदात से गुस्साए लोग चार-पांच टै्रक्टरों में भरकर बुधवार सुबह निकटवर्ती रजवास पहुंचे और कंजर बस्ती पर धावा बोल दिया। आधा दर्जन मकानों में तोडफ़ोड़ कर दो दुपहिया वाहन फूंक दिए। महिलाओं और बच्चों से मारपीट भी की गई। इसके बाद पुलिस व प्रशासन के अधिकारी पहुंचे। इस दौरान ट्रैक्टर में भाग रहे 31 जनों को हिरासत में ले लिया गया। उसके बाद खजूरी के ग्रामीणों ने शाम को जहाजपुर पुलिस उपाधीक्षक रामेश्वर प्रतिहार को विधायक धीरज गुर्जर के नेतृत्व में ज्ञापन दिया और हिरासत में लिए ग्रामीणों को नहीं छोडऩे तक अनिश्चितकालीन खजूरी बंद रखने की घोषणा की थी।
Published on:
03 Nov 2017 01:53 pm
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