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घटे कोरोना मरीज, अन्य मरीजों के लिए बढ़ी सुविधा

महात्मा गांधी अस्पताल
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भीलवाड़ा

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Suresh Jain

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Updated: 29 Jan 2021, 9:39 AM IST

घटे कोरोना मरीज, अन्य मरीजों के लिए बढ़ी सुविधा

घटे कोरोना मरीज, अन्य मरीजों के लिए बढ़ी सुविधा

भीलवाड़ा।
जिले में कोरोना संक्रमितों की संख्या घटने के साथ ही अस्पतालों में सामान्य मरीजों के लिए सुविधाएं बढऩे लगी है। महात्मा गांधी अस्पताल में पिछले दिनों आर्थोपेडिक, नेत्र व ट्रोमा वार्ड खोल दिए गए। हाल में कोरोना के लिए अधिग्रहित कर रखे एमटीएस (कुपोषण) व मेल सर्जिकल वार्ड को भी सामान्य मरीजों के लिए खोलने की तैयारी है। अस्पताल प्रशासन ने दोनों वाड खाली करा सैनिटाइज की योजना बनाई है। मेल सर्जिकल वार्ड के मरीज जल्द ऊपर बने बर्न वार्ड सेे शिफ्ट कर दिए जाएंगे। एमसीएच विंग में चल रहे एमटीएस वार्ड को भी एमजीएच के बर्न वार्ड के निकट पुराने एमटीएस वार्ड में शिफ्ट किया जाएगा।
अस्पताल अधीक्षक डॉ. अरुण गौड़ ने बताया कि एक माह पहले जहां ५० से ज्यादा कोरोना मरीज विभिन्न वार्ड में भर्ती थे। अब इनकी संख्या महज ८ रह गई है। इनको एक वार्ड में शिफ्ट कर रहे हैं। जो कोरोना वार्ड खाली हो रहे हैं, उन्हें सैनिटाइज कर सामान्य मरीजों के लिए खोलेंगे। एक-दो वार्ड को छोड़कर सभी वार्ड सामान्य मरीजों के लिए खुल जाएंगे तो सभी मरीजों को बेड मिल पाएगा।
मार्च में कोरोना पॉजिटिव आने लगे तो एमजीएच के अधिकांश वार्ड को कोरोना के लिए अधिग्रहित कर लिया गया। एक जगह १० वार्ड चलाए जा रहे थे। फिर भी न मरीजों के लिए पूरी जगह थी और न इलाज के लिए स्टाफ पूरा था। एक ही जगह पर बर्न के साथ मेल व फिमेल के सर्जिकल वार्ड, आर्थोपेडिक वार्ड, ईएनटी, डेंटल वार्ड भी थे। ऐसे में इस वार्ड में जब सभी वार्ड के चिकित्सक एक साथ राउंड पर आते तो समस्या उत्पन्न हो जाती है। राउंड के समय चिकित्सक के साथ एक स्टाफ का रहना भी मुश्किल हो जाता है। जगह कम होने के कारण मरीजों की संख्या बढ़ती है तो हालात और बिगड़ जाते है। मरीजों को लेटने के लिए बेड तक नहीं मिलता है। एस्ट्रा बेड नहीं होने से मरीजों को परिजनों के बैठने के लिए रखी हुई लोहे की बेच पर लेटना पड़ता है।