उन्होंने कहा कि अस्पताल में बढ़ते मरीजों की संख्या को देखते रिकॉर्ड सुरक्षित रखने के लिए कंप्यूटरीकरण किया जाएगा। इससे अस्पताल में भर्ती मरीजों का रिकॉर्ड जरुरतमंद लोगों को तत्काल उपलब्ध हो सकेगा। वर्तमान में रिकॉर्ड चाहने या बदलाव करने पर शपथपत्र और आधारकार्ड देने के साथ ही लंबी प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है, जिससे मुक्ति मिलेगी।