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non practice allowance सरकार से भत्ता उठा रहे डॉक्टर भी घर व निजी क्लिनिक पर देख रहे मरीज

निजी प्रैक्टिस नहीं करने की शर्त पर मिलता है एनपीए
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भीलवाड़ा

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Suresh Jain

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Updated: 28 Nov 2021, 4:12 PM IST

non practice allowance सरकार से भत्ता उठा रहे डॉक्टर भी घर व निजी क्लिनिक पर देख रहे मरीज

non practice allowance सरकार से भत्ता उठा रहे डॉक्टर भी घर व निजी क्लिनिक पर देख रहे मरीज

भीलवाड़ा।
non practice allowance मेडिकल कॉलेज से जुड़े कई डॉक्टर्स घर पर मरीजों को नहीं देखने का हवाला देकर एनपीए (नॉन प्रैक्टिस अलाउंस) उठाकर मरीजों व सरकार के साथ धोखा कर रहे हैं। हकीकत ये है कि नियमों को लांघकर डॉक्टर अस्पताल के आसपास क्लिनिक और घरों में रोगियों की जांच के नाम पर फीस वसूल रहे हैं। नियम है कि एनपीए भत्ता लेने वाले रोगियों से फीस नहीं ले सकते। सरकार ने गत दिनों आदेश दिए कि चिकित्सक शिक्षकों को निजी प्रैक्टिस उनके आवास पर ही अनुमत होगी। ये किसी निजी चिकित्सा संस्थान, चिकित्सालय अथवा अन्य संस्था पर निजी प्रैक्टिस नहीं कर सकेंगे।
एनपीए से जुड़े इस मामले पर पत्रिका ने जमीनी हकीकत खंगाली तो चौंकाने वाली जानकारी सामने आई। एनपीए उठाकर घर पर मरीज देखने वाले डॉक्टरों की पड़ताल की। एमजीएच से इनकी सूची लेने के बाद घर-क्लिनिक तक पीछा किया। पता लगा कि जो डॉक्टर एनपीए ले रहे हैं, वे घर पर भी मरीज देख रहे हैं। चौकाने वाली बात ये है कि पत्रिका ने जब अस्पताल से एनपीए लेने वाले डॉक्टरों की सूची मांगी तो सभी डॉक्टर्स को सूचना दे दी गई। बड़ा सवाल ये भी है कि डॉक्टर घर पर भी प्रैक्टिस करके हर साल 15-20 लाख रुपए कमाते हैं। एनपीए भी उठा रहे हैं। कई डॉक्टर २०० से ३०० रुपए तक की फीस लेते है।
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सरकार के आदेश
-सीएमएचओ डॉ. मुस्ताक खान ने बताया कि चिकित्सा विभाग के शासन संयुक्त सचिव सुनील शर्मा ने २२ नवम्बर को मेडिकल कॉलेज अधीक्षक को निर्देश दिए कि राज्य के समस्त चिकित्सा महाविद्यालयों में कार्यरत चिकित्सक शिक्षकों को कार्यालय समय के अतिरिक्त निजी प्रैक्टिस की छूट है।
- आदेश के अनुसार, चिकित्सक शिक्षकों को निजी प्रैक्टिस उनके आवास पर अनुमत होगी। ये निजी चिकित्सा संस्थान, चिकित्सालय में प्रैक्टिस नहीं कर सकेंगे।
- चिकित्सक शिक्षक प्रत्येक वित्तीय वर्ष प्रारम्भ होने से पूर्व निजी प्रैक्टिस का विकल्प प्रस्तुत करेंगे अन्यथा उन्हें नॉन प्रैक्टिसिंग वर्ग में माना जाएगा।
- जो चिकित्सक शिक्षक निजी प्रैक्टिस का विकल्प प्रस्तुत करेंगे, उन्हें नियमानुसार एनपीए व एनसीए देय नहीं होगा।
- चिकित्सक शिक्षक द्वारा प्रतिदिन के राजकीय कार्य को निष्ठापूर्वक सम्पन्न करने का उत्तरदायित्व निर्वहन करना होगा अन्यथा राज्यादेश की अवहेलना समझी जाएगी। ऐसे नहीं करने पर उनके खिलाफ नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
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कार्रवाई करेंगे
डॉक्टर्स खुद लिखकर देते हैं कि वे निजी प्रैक्टिस नहीं कर रहे इसलिए उसे एनपीए चाहिए। एनपीए लेने के बाद भी डॉक्टर घर व निजी क्लिनिक पर रोगी देखकर रुपए लेता है तो वह इसके लिए खुद जिम्मेदार है। उस पर कानूनी कार्रवाई होगी।
- डॉ. अरुण गौड़ अधीक्षक एमजीएच भीलवाड़ा