अवस्थी ने कहा कि न्यास में 2 साल में पहली बार 10 मार्च को बजट पारित किया। बिना बजट पारित कराए न्यास ने दो साल मनमाने तरीके से पैसा खर्च किया। पूरा भीलवाड़ा शहर उपेक्षित है। एक नेता के इशारे पर पेराफेरी क्षेत्र में करोड़ों रुपए लगाए गए। शहर में सड़कों पर गड्ढे हैं तो पेयजल व बिजली की कमी है। सुनवाई करने वाला कोई नहीं है। न्यास में जनप्रतिनिधि बैठता तो जिम्मेदारी से काम करता, लेकिन वहां अफसरशाही की मनमानी चली। गौरतलब है कि न्यास बजट को लेकर राजस्थान पत्रिका ने 15 फरवरी के अंक में 18 माह से नहीं हुई बजट बैठक, खर्चे 116 करोड़ शीर्षक से समाचार प्रकाशित किए थे। इसे लेकर अवस्थी ने विधानसभा में स्थगन प्रस्ताव भी लेकर आए थे।