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सैनिटाइजर का ज्यादा इस्तेमाल, चर्म रोग का खतरा

एमजीएच में रोज आ रहे 10 से 15 मरीज
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भीलवाड़ा

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Suresh Jain

•

Updated: 25 Jun 2020, 9:15 AM IST

Excessive use of sanitizer, risk of skin disease in bhilwara

Excessive use of sanitizer, risk of skin disease in bhilwara

भीलवाड़ा।
सैनिटाइजर का अत्यधिक इस्तेमाल इंसान में एलर्जी, रुखापन और खुजली पैदा कर सकता है। सैनिटाइजर इस्तेमाल से हाथों में खुजली व त्वचा लाल होने की शिकायत लेकर महात्मा गांधी अस्पताल में रोज १० से १५ मरीज पहुंच रहे हैं। माना जा रहा है कि सैनिटाइजर व हाइप्रोक्लोराइट में एथनॉल, एन प्रोपेनॉल, आइसो प्रोफाइनल नामक ड्राई अल्कोहल त्वचा की प्राकृतिक नमी खत्म कर देता है। इससे हाथों में रुखापन और त्वचा शुष्क होने लगती है। त्वचा रोग विशेषज्ञों का दावा है कि बाजार में मौजूद 90 प्रतिशत हैंड सेनिटाइजर अच्छी गुणवत्ता के नहीं हैं।
अस्पताल सूत्रों के अनुसार, कुछ दिन से ऐसे मरीज आ रहे हैं, जिनके हाथ में खुजली या एलर्जी है। पता चला कि ये सैनिटाइजर का ज्यादा इस्तेमाल कर रहे हैं। कई रिसर्च में साबित हो चुका है कि सैनिटाइजर का अत्यधिक इस्तेमाल त्वचा की समस्या पैदा कर सकता है।
यह आ रही परेशानी
-सैनिटाइजर में विषैले तत्व और बेंजाल्कोनियम क्लोराइड होता है, जो कीटाणुओं और बैक्टीरिया को हाथ से निकालता है, लेकिन यह त्वचा के लिए ठीक नहीं है। इससे जलन और खुजली हो सकती है।
-खुशबू के लिए फैथलेट्स नामक रसायन इस्तेमाल होता है। इसकी मात्रा जिन सैनिटाइजर में ज्यादा होती है, वे हानिकारक होते हैं। ये सैनिटाइजर रोग प्रतिरोधक क्षमता भी घटाते हैं।
-सैनिटाइजर में अल्कोहल होने से बच्चों की सेहत पर बुरा असर पड़ सकता है। खासकर बच्चे इसे नादानी में निगल लें। ज्यादा इस्तेमाल से त्वचा शुष्क हो जाती है।
इसलिए साबुन बेहतर
-सैनिटाइजर व साबुन दोनों वायरस मारने में सक्षम हैं, मगर वायरस को साबुन से धो देना ज्यादा कारगर उपाय है।
-सैनिटाइजर से वायरस के शत-प्रतिशत मरने की गारंटी नहीं जबकि साबुन प्रभावी तरीके से धो देता है।
-ज्यादातर लोग हर 2.5 मिनट में चेहरे को छूते हैं। वायरस हाथ में है तो संक्रमण का जोखिम अधिक होता है। खासतौर पर जब तक आप हाथ न धो लें।
-हाथ सिर्फ पानी से धोना पर्याप्त नहीं क्योंकि वायरस चिपचिपा होता है।
-साबुन का पानी बिल्कुल अलग होता है। साबुन में फैट जैसे पदार्थ होते हैं जो वायरस से लडऩे में अधिक सक्षम होते हैं।
-साबुन हाथ की त्वचा और वायरस के बीच परत बनाने का काम करता है।
-अगर आपकी हाथ की त्वचा रूखी है, तो साबुन से ठीक तरह हाथ धोएं ताकि वायरस का खतरा पूरी तरह खत्म हो।
-अपनी अंगुलियों के बीच और नाखुनों के अंदर भी ठीक प्रकार से साबुन लगाकर धोएं।
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एमजीएच में कुछ समय से हाथों में चर्म रोग के मरीज बढ़ गए। इसके पीछे मुख्य कारण बार-बार सैनिटाइजर व हाइप्रोक्लोराइट का इस्तेमाल है। घर पर रहे तो साबुन से हाथ धोना अच्छा है। बाहर जाना व लौटने पर सैनिटाइजर व हाइप्रोक्लोराइट का उपयोग करना चाहिए।
डॉ. भागीरथसिंह, चर्मरोग विशेषज्ञ, एमजीएच