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भीलवाड़ा में खेतों ने ओढ़ी हरी-पीली चुनर

भीलवाड़ा. जिले में सर्दी की दस्तक के साथ ही खेतों में सरसों की फसल लहलहाने लगी है। रबी सीजन में सबसे पहले बोई सरसों में फूल खिलने लगे हैं।
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भीलवाड़ा

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Suresh Jain

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Updated: 18 Nov 2022, 10:17 AM IST

भीलवाड़ा में खेतों ने ओढ़ी हरी-पीली चुनर

भीलवाड़ा में खेतों ने ओढ़ी हरी-पीली चुनर

भीलवाड़ा. जिले में सर्दी की दस्तक के साथ ही खेतों में सरसों की फसल लहलहाने लगी है। रबी सीजन में सबसे पहले बोई सरसों में फूल खिलने लगे हैं। कृषि अधिकारी किसानों को फसलों में रोग व रासायनिक खाद आदि की जानकारी दे रहे हैं। इस साल सरसों का रकबा 50 हजार से बढ़कर 57 हजार हैक्टेयर हो गया है। पिछले साल सरसों का लक्ष्य 35 हजार हैक्टेयर था, जो बाद में 50 हजार कर दिया गया।


जिले में लंबे समय तक हुई बारिश के कारण कई खेत खाली थे, जिनमें सरसों की बुवाई पहले ही कर दी गई। अब सर्दी व ओस से सरसों को फायदा हो रहा है। गत वर्ष अच्छा भाव एवं अच्छी पैदावार ने किसानों का सरसों में रुझान बढ़ाया। इस बार सरसों के तेल में भी तेजी है। मौसम अनुकूल होने से सरसों की फसल में फूल जल्द आ गए। किसानों का कहना है कि कम लागत में अच्छा मुनाफे के लिहाज से सरसों अच्छा विकल्प है। कम खाद व कम पानी की जरूरत होती है।

गेहूं, चना के बाद सरसों का नंबर
जिले में रबी फसल के लिए 3 लाख हैक्टेयर बुवाई का लक्ष्य है। इनमें सर्वाधिक सवा लाख हैक्टेयर में गेहूं, 85 हजार में चना, 50 हजार हैक्टेयर में सरसों बुवाई का लक्ष्य है। अभी गेहूं की बुवाई धीमी चल रही है। सरसों में तेजी से बुवाई हो रही है। खाद की पूर्ति के लिए हरसंभव प्रयास किया जा रहा है।

रामपाल खटीक, उपनिदेशक कृषि विभाग भीलवाड़ा
जिले की स्थिति

फसल लक्ष्य बुवाई
गेहूं 1,25,000 46,600

जौ 22,000 22360
चना 85,000 55,137

मसूर 6,000 3,300
सरसों 50,000 57,000

तारामीरा 1,000 583
जीरा 800 99

अन्य 11,200 9,170
योग 3 01000 1,93,949