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स्वास्थ्य विभाग को एक साल में नहीं मिला मुखबिर

***** परीक्षण की सूचना देने वालों को मिलती तीन लाख प्रोत्साहन राशि
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भीलवाड़ा

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Suresh Jain

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Updated: 5 Jan 2023, 3:15 PM IST

स्वास्थ्य विभाग को एक साल में नहीं मिला मुखबिर

स्वास्थ्य विभाग को एक साल में नहीं मिला मुखबिर

भीलवाड़ा . सरकार ने गर्भस्थ शिशु का ***** परीक्षण की सूचना देने वालों के लिए मुखबिर योजना शुरू कर रखी है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग को एक साल में मुखबिर ही नहीं मिला। इस वजह से ***** परीक्षण की योजना सुस्त पड़ी है। हालांकि जिला स्वास्थ्य समिति की बैठकों में योजना को सक्रिय करने को कहा जाता है। योजना के लिए बड़ी रकम भी आवंटित की गई, लेकिन प्रचार के अभाव में इसकी सही जानकारी न स्टाफ को है और न ही अन्य लोगों को। जिले में पिछले वर्ष 2022 में एक भी कार्रवाई नहीं हो पाई है।


पांच साल पहले शुरू मुखबिर योजना में दो लाख रुपए प्रोत्साहन राशि का प्रावधान किया था। अभी तीन लाख रुपए आवंटित किए हैं, जो लैप्स नहीं होता बल्कि स्थाई फंड में जमा किया जाता है। तीन लाख रुपए अलग-अलग लोगों को किस्तों में वितरित किया जाता है। प्रथम किस्त- सूचना पर सफल डिकॉय होने पर प्रकरण को सूचीबद्ध किया जाता है। मुखबिर को पचास हजार रुपए, गर्भवती महिला को पचास हजार तथा गर्भवती महिला के सहयोगी को पच्चीस हजार रुपए प्रोत्साहन राशि दी जाती है। दूसरी किस्त-न्यायालय में अभियोजन पक्ष के बयान देने के बाद जारी होती है। मुखबिर को पचास हजार रुपए, गर्भवती को एक लाख तथा सहयोगी को पच्चीस हजार रुपए दिए जाते हैं। ऐसे में मुखबिर को एक लाख, गर्भवती महिला को डेढ़ लाख तथा सहयोगी को पचास हजार रुपए प्रोत्साहन राशि के रूप में दिए जाते हैं।

43 सोनोग्राफी मशीनें पंजीकृत

जिले में 43 सोनोग्राफी मशीनें पंजीकृत है। इनकी समय-समय पर जांच की जाती है। इस साल अभी तक तो एक भी मुखबिर योजना के तहत प्रोत्साहन राशि नहीं मिली है।

नहीं हुई कार्रवाई

वर्ष 2022 में एक भी कार्रवाई नहीं की गई। कहीं से सूचना नहीं मिली। कहीं ऐसा हो रहा है तो लोग सूचना दें। विभाग कार्रवाई करेगा। मुखबिर को इनाम भी मिलेगा। विभाग की ओर से हाल में सोनोग्राफी सेंटर की जांच की गई। किसी भी सेंटर में ***** परीक्षण होना नहीं पाया गया।

डॉ. मुस्ताक खान, सीएचएमओ