पांच साल पहले शुरू मुखबिर योजना में दो लाख रुपए प्रोत्साहन राशि का प्रावधान किया था। अभी तीन लाख रुपए आवंटित किए हैं, जो लैप्स नहीं होता बल्कि स्थाई फंड में जमा किया जाता है। तीन लाख रुपए अलग-अलग लोगों को किस्तों में वितरित किया जाता है। प्रथम किस्त- सूचना पर सफल डिकॉय होने पर प्रकरण को सूचीबद्ध किया जाता है। मुखबिर को पचास हजार रुपए, गर्भवती महिला को पचास हजार तथा गर्भवती महिला के सहयोगी को पच्चीस हजार रुपए प्रोत्साहन राशि दी जाती है। दूसरी किस्त-न्यायालय में अभियोजन पक्ष के बयान देने के बाद जारी होती है। मुखबिर को पचास हजार रुपए, गर्भवती को एक लाख तथा सहयोगी को पच्चीस हजार रुपए दिए जाते हैं। ऐसे में मुखबिर को एक लाख, गर्भवती महिला को डेढ़ लाख तथा सहयोगी को पचास हजार रुपए प्रोत्साहन राशि के रूप में दिए जाते हैं।