पाराशर ने बताया कि पिवणिया तालाब की पाल की खुदाई के दौरान ही मंदिर की कच्ची दीवार ढ़हने से शिक्षाविद देवकीनंदन शर्मा व विश्वबंधु पाठक मिट्टी में दब गए थे, लोगों ने रेस्क्यू कर उन्हें सुरक्षित निकाला। तब इस मंदिर का जीर्णोधार करवाया गया। शिवमंदिर सोमेश्वर महादेव के नाम से प्रसिद्ध है।