8 नवंबर 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

शव यात्रा में सैकड़ों लोग जमा

धारा १४४ के आदेश का उल्लधनअन्तिम यात्रा में हाथी व रामधुनी तक पहुंची
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

भीलवाड़ा

•

image

Suresh Jain

•

Updated: 29 Sep 2020, 11:14 PM IST

Hundreds of people gathered in a funeral procession in bhilwara

Hundreds of people gathered in a funeral procession in bhilwara

भीलवाड़ा .
कोरोना संक्रमण का कहर बढ़ता जा रहा है। इससे अब तक ११० से अधिक लोगों की मौत हो गई है। शहर में २० सितंबर से धारा १४४ लागू होने के बाद भी लोग इसकी पालना नहीं कर पा रहे है। शव यात्रा भी बड़ी धुमधाम से निकालने से भी नहीं चूक रहे है। मंगलवार को भी शहर में एक ऐसी शव यात्रा निकाल कर जिला कलक्टर के धारा १४४ के आदेश का खुला उल्लधन किया है।
संजय कालोनी रामानुज कोट ब्राह्मणों की कुई से मंगलवार सुह ९० साल के एक बुजुर्ग की मौत पर समाज के लोगों ने बड़ी धुमधाम के साथ अन्तिम यात्रा निकाली। इस यात्रा में हाथी भीबुलाया गया। ऑटो पर रामधुन बजरही थी। इसमें सैकड़ों लोग शामिलथे। कहीं से भी ऐसा नहीं लग रहाथा कि अभी कोरोना काल है तथा शहर में धारा १४४ लगी हुई है। यह यात्रा कोठारी नदी तक पहुंची। लेकिन रास्ते में किसी ने भी रोकने व टोकने का प्रयास नहीं किया। बताया गया है कि इस यात्रा में समाज के लोगों को फोन कर-कर के बुलाया गया था। इस शव यात्रा को देखकर हर कोई यह कहने से नहीं चूक रहा था कि शहर में पुलिस प्रशासन को कोई खोफ ही नहीं है। यह स्थिति शहर में ही नहीं बल्कि जिले में सामाजिक स्तर पर अंतिमयात्रा एवं उठावना रस्म में लोगोंकी बड़ी संख्या उपस्थित रहती है। कई परिवार तो केवल उठावने का समय भी दो-दो घंटे का करने लगे है। ऐसे में कोरोनाके बढ़ते संक्रमण के बावजूदआमजन में सुधार नहीं आया। लोक परम्परा के चलते लोगों में इस तरह की रस्म निभाने की होड़ मचीहुई है। हालात ये हैं कि अंतिमसंस्कार में तो फिर भी लोग मास्कव सोशल डिस्टेंस का ध्यान रखतेहैं, पर उठावने में तो सोशलडिस्टेंस की पालना ही नहीं होती है। यही सबसे खतरनाक हालात हैं,पर कोई मान नहीं रहा। न ही जिलाप्रशासन ऐसे लोगों के प्रति सख्त कदम उठा पा रहा है।
ये है नियम, धारा 144 का भीउल्लंघन
राज्य सरकार की गाइडलाइन केअनुसार वैवाहिक समारोह मेंअधिकतम 50 एवं अंतिम संस्कारमें अधिकतम 20 व्यक्ति हीकोरोना प्रोटोकॉल की अनुपालनासुनिश्चित करते हुए उपस्थित होसकेंगे। जिला मजिस्ट्रेट शिवप्रसादएम नकाते ने भीलवाड़ा शहर में 20 सितंबर से 31 अटूबर तकधारा 144 लगा रखी है। इस आदेशके तहत किसी भी सार्वजनिकस्थल पर 5 से अधिक व्यक्ति एकत्रित नहीं हो सकते। सभी तरहकी सामूहिक गतिविधियों यथारैली, जुलूस, सभा एवं सार्वजनिकसमारोह पर पूर्णतया प्रतिबंध है।उसके बाद भी मंगलवार को अन्तिम यात्रा में हाथी, ऑटो के साथ सैकड़ों की संख्या में महिलाओं व पुरुषों ने हिस्सा लिया।