शोभायात्रा या जुलूस में डीजे नहीं बजेगा। शोभायात्रा मार्ग, सार्वजनिक स्थान एवं शहर में धार्मिक झंडे व फर्रिया नहीं लगाई जाएगी। शोभायात्रा में बड़े झंडे लेकर नहीं चलेंगे। छोटे झंडे लकड़ी या प्लास्टिक के डंडे में लगाकर चल सकेंगे। जुलूस में हथियार साथ लेकर चलने पर रोक रहेगी। दोनों पक्षों ने सहमति जताई। समय पर शोभायात्रा शुरू करने और कुंड में पानी पूरा भरा हो इसमें ही प्रतिमाएं विसर्जित की जाएगी। सुरेश गोयल, उदयलाल समदानी, दिलीप हिंगड़, महावीर समदानी, प्रदीप सुराना, शहाबुद्दीन, बुरहानुद्दीन, जाकिर हुसैन, इदरीश आदि मौजूद थे।