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Weather Update : लड़की बांध के बाद मातृकुंडिया से आई खुशियां, फीडर खुलते ही मेजा बांध में दौड़ेगा पानी

- नंदसमंद बांध के पांच घंटे खोलने से मातृकुंडिया में बढ़ रहा जलस्तर - जल संसाधन विभाग ने शुरू की तैयारियां, जलदाय विभाग को भी इंतजार
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भीलवाड़ा

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Kanaram Mundiyar

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Updated: 10 Jul 2023, 10:56 PM IST

Weather Update : लड़की बांध के बाद मातृकुंडिया से आई खुशियां, फीडर खुलते ही मेजा  बांध में दौड़ेगा पानी

Weather Update : लड़की बांध के बाद मातृकुंडिया से आई खुशियां, फीडर खुलते ही मेजा बांध में दौड़ेगा पानी

भीलवाड़ा.

राज्य मेंं सक्रिय मानसून ने भीलवाड़ा जिले को तरबतर कर दिया है। दो दिन से हो रही बरसात से जिले के बांधों-तालाबों में पानी की आवक लगाताार हो रही है। जिले के रायपुर क्षेत्र के लड़की बांध की चादर चल रही है। लड़की बांध का पानी कोठारी नदी होते हुए मेजा बांध की ओर बढ़ रहा है। इसी तरह से चित्तौडगढ़़ जिले में अच्छी बरसात से मातृकुण्डिया बांध में पानी की भारी आवक हो रही है। मातृकुंडिया बांध भरने पर यहां से मेजा फीडर के जरिए पानी मेजा बांध लाया जाएगा। मेजा बांध के भरने से भीलवाड़ा जिले में राहत बढ़ेगी। मेजा बांध के ओवरफ्लो होने पर कोठारी नदी से पानी बनास नदी के जरिए बीसलपुर बांध के लिए खुशियां लेकर आएगा।

टेक्सटाइल सिटी के लिए चित्तौड़गढ़ जिले के मातृकुंडिया बांध से खुशखबरी आई है। वस्त्रनगरी की जीवन रेखा मेजा बांध को भरने की उम्मीद को मातृकुंडिया बांध ने पंख लगा दिए। राजसमंद जिले के नंदसमंद बांध के पांच गेट खोल देने से मातृकुंडिया का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। बांध में सोमवार रात तक करीब 17.5 फीट पानी आ गया। 18 फीट होते ही मातृकुंडिया बांध के गेट ही नहीं खुलेंगे बल्कि मेजा फीडर भी खोल दिया जाएगा। इसका पानी मांडल के मेजा बांध आएगा। इससे पहले रायपुर क्षेत्र का लड़की बांध ओवरफ्लो चल रहा है। जल्द ही इसका पानी भी मेजा बांध आएगा।

बाघेरी नाका और नंदसमंद ने जगाई आस-

राजसमंद के बाघेरी नाका और नंदसमंद बांध ने मेजा भरने की आस जगाई। बाघेरी नाका बांध भरने के बाद इसका पानी नंदसमंद बांध में आता है। नंदसमंद बांध मातृकुंडिया को भरता है। मातृकुंडिया का पानी मेजा बांध में आता है। बाघेरी के बाद नंदसमंद भरते ही उसके पांच गेट खोलकर पानी की निकासी की गई। मातृकुंडिया बांध में भरपूर पानी आने से मेजा फीडर खोलने पर विचार चल रहा है। इसके चलते जल संसाधन विभाग ने तैयारियां शुरू कर दी है। जलदाय विभाग को भी इंतजार है।

433 एमसीएफटी रिजर्व रखना, उसके बाद हमारा हक-

मातृकुंडिया बांध की भराव क्षमता 22.57 फीट है। इस समय 17.5 फीट पानी आ चुका है। राज्य सरकार के नियमानुसार बांध से 213 एमसीएफटी हिन्दुस्तान जिंक, 170 एमसीएफटी रेलमगरा के लिए तथा 50 एमसीएफटी पानी बनास नदी में छोड़ा जाता है। कुल 433 एमसीएफटी बांध में रिजर्व रखा जाता है। उसके बाद शेष पानी मेजा फीडर में छोड़ा जाता है। मातृकुंडिया से मेजा बांध तक 58 किलामीटर की लम्बी मेजा फीडर है।