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खुद को ही लूट ने की रच ली कहानी

Loot himself created the story at bhilwara सदर थाना क्षेत्र में मंगलवार दोपहर जोधड़ास चौराहा के निकट एक बाइक सवार से ढाई लाख की नकदी की लूट की घटना पुलिस पड़ताल मेंं फर्जी निकली।
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भीलवाड़ा

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Narendra Kumar Verma

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Updated: 27 Aug 2021, 11:57 AM IST

Loot himself created the story

Loot himself created the story

भीलवाड़ा। सदर थाना क्षेत्र में मंगलवार दोपहर जोधड़ास चौराहा के निकट एक बाइक सवार से ढाई लाख की नकदी की लूट की घटना पुलिस पड़ताल मेंं फर्जी निकली। परिवादी ने कर्ज की राशि चुकाने के लिए खुद की लूट की वारदात रची। समूचे घटनाक्रम का खुलासा गुरुवार को अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गजेन्द्र सिंह जोधा व पुलिस उपाधीक्षक रामचन्द्र चौधरी ने किया। पुलिस अब परिवादी के ही खिलाफ झूंठी घटना बता कर सनसनी फैलाने का मुकदमा दर्ज कर रही है।

उन्होंने बताया कि रायला थाने के कासौरिया हाल बाबाधाम क्षेत्र निवासी विनोद कुमार (23) पुत्र मदनलाल व्यास ने मंगलवार दोपहर मेें पुलिस को उसके साथ हुई लूट की वारदात की सूचना दी। उसने पुलिस को बताया कि गांव के ही देबीलाल ओझा से 2 लाख रुपए उधार ले रखे थे। यह राशि चुकता करने के लिए वह 24 अगस्त की दोपहर में दो लाख बीस हजार रुपए लेकर उधारी चुकाने मोटरसाइकिल से देबीलाल ओझा के पास जा रहा था। दोपहर करीब 12 बजे जोधड़ास रेलवे फ ाटक से कुछ दूर रायल पार्क के निकट एक मोटरसाइकिल पर आए दो नकाबपोश व्यक्ति ने उसे रोक लिया और मारपीट कर नकदी से भरा बैग छीन लिया और भाग छूटे। परिवादी ने दोनों का पीछा कर पकडऩे का प्रयास किया, लेकिन वह धक्का दे कर भाग छूटे। Loot himself created the story

पुलिस टीम गठित
एएसपी जोधा ने बताया कि लूट की वारदात की सूचना को गंभीरता से लिया। डीएसपी रामचंद्र चौधरी के नेतृत्व में सदर थाना पुलिस की टीम ने जांच शुरू की। टीम में सदर थाना प्रभारी जगदीश प्रसाद मीणा, एएसआई, मदन लाल, रामप्रसाद मीणा, सचिंद्र मोहन, बाबू खां को शामिल किया गया। पुलिस टीम ने घटना स्थल के साथ ही परिवादी के घर के क्षेत्र तक के करीब ५० सीसी कैमरे खंगाल दिए, लेकिन लूट की वारदात के संकेत व संदिग्ध लोग कही पर नजर नहीं आए।

परिवादी करता रहा गुमराह
पुलिस पड़ताल में विनोद के संतोषजनक जवाब नहीं देने पर उस पर शक गहराया। इसी दौरान पुलिस टीम ने परिवादी के राधेश्याम शर्मा के मकान में किराए में लिए कमरे की तलाशी ली। यहां एक आलमारी में कपड़ों के बीच पचास हजार रुपए के नोट का बंडल मिला, परिवादी ने उक्त राशि के बारे में बताया कि यह राशि उसने उधारी चुकाने के लिए बैंक ऑफ बड़ौदा शाखा सुभाषनगर निकाली, जबकि घटना के दिन परिवादी ने बैंक से 2 लाख रुपए निकालने की बताई कही थी। कड़ी पूछताछ मेंं वह बाद में टूट गया और कबूल किया की बढ़ते कर्ज से मुक्ति पाने के लिए उसने खुद लूट की यह मनगढ़त कहानी रची।

कर्जा बढ़ ही रहा था
विनोद ने पूछताछ में बताया कि उसने पूर्व में ढाबा खोलने के लिए लोगों से रुपए उधार लिया था, लेकिन कोरोना संकट के कारण ढाबा नहीं चला, इसके बाद उसने लोगों से काफ ी रुपए उधार ले लिया है, आय का स्रोत नहीं होने से उसका कर्जा बढ़ता ही जा रहा था, लोगों को कर्जा नहीं चुकाना पड़े, इस लिए उसने यह योजना बनाई।

परिवादी के खिलाफ मुकद्मा
एएसपी जोधा ने बताया कि परिवादी ने झूंठ बोल कर जो मनगढ़ घटना को अंजाम दिया, उससे सनसनी फैली और आमजन की भावना प्रभावित हुई। इससे दुष्प्रचार भी हुआ। ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति नहीं हो इसके लिए जरूरी है कि कानूनी कार्रवाई की जाए, इसके लिए परिवादी विनोद व्यास के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया जा रहा है।