शहर समेत जिलेभर में मच्छरों का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। डेंगू व स्वाइन फ्लू के रोगी भी सामने आ रहे हैं। इन बीमारों से कई जानें जा चुकी हैं। इतना सब कुछ होने के बावजूद सम्बंधित विभागों के अफसर चैन की नींद सो रहे हैं। सर्दी का अहसास होने के बावजूद मच्छरों के प्रकोप से बचने के लिए पंखे चलाने पड़ रहे हैं। पंखे से मच्छरों से तो कुछ हद तक बचाव हो रहा है, लेकिन सर्दी-जुकाम के मरीजों की संख्या बढ़ जा रही है। शहर में जगह-जगह गंदगी पसरी होने से मच्छर पनप रहे हैं। जलस्तर बढऩे से तलघरों में भरा पानी लार्वा व मच्छरों को पनपा रहा है। न तो नगर परिषद प्रशासन सफाई पर ध्यान दे रहा है और न ही तलघरों में फोगिंग करवाई जा रही है। नाली-नालों के बाहर डीटीटी पाउडर भी नहीं छिड़का जा रहा है। इधर, बीमारियों की चपेट में आकर आने वाले रोगियों को अस्पताल में अव्यवस्था के कारण इलाज समय पर नहीं मिल रहा है। चिकित्सा एवं स्वास्थ विभाग की लापरवाही मरीजों का दर्द बढ़ा रही है।