न्यायालयों में लंबित 15 हजार 30 प्रकरण चिन्हित किए गए व 4980 प्रकरणों को निस्तारित किया। इसमें 25 करोड़ 88 लाख 88 हजार 62 रुपए के अवार्ड पारित किए। जिले में 20 बैंच ने मामले निपटाए। समझौता योग्य दीवानी, फौजदारी , पारिवारिक, एमएसीटी, चैक अनादरण श्रम, बैंक रिकवरी, उपभोक्ता व राजस्व के मामले रखे गए। प्राधिकरण सचिव राजपाल सिंह ने बताया कि जिले में प्री-लिटिगेशन मामलों में बैंक, बीएसएनएल, बिजली, पानी के रिकवरी मामलों का भी मूल राशि से कम में राजीनामा करवाया गया। बिजली बिलों में छूट व अन्य लाभ देकर उपभोक्ता को राहत दी। कई परिवारों को इस फैसले से राहत मिली है। लोगों का कहना था कि इस तरह की अदालत हर माह लगे तो कई प्रकरणों का निस्तारण समय पर हो सकता है।